केमिकल टैंकर और ट्रेलर में भिड़ंत से आग, 14 दमकलों से पाया काबू, जनहानि नहीं

पावटा कस्बे के पास राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-48 पर रविवार रात करीब 08:30 बजे जयपुर से दिल्ली जा रहे केमिकल से भरे टैंकर और बजरी से भरे ट्रेलर की भिड़ंत के बाद टैंकर पलट गया और उसमें आग लग गई। प्रारंभिक जांच में पता चला कि टैंकर चालक सरोज, निवासी हरदोई, यूपी शराब के नशे में था। हालांकि चालक समय रहते बाहर निकल आया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद 14 दमकलों की सहायता से आग पर काबू पाया जा सका। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टैंकर तेज गति से अनियंत्रित हो गया और डिवाइडर कूदता हुआ दूसरे सड़क मार्ग पर जाकर सामने से आ रहे ट्रेलर से जा टकराया, इसके वाद टैंकर पलट गया। चालक के अनुसार टैंकर में लगभग 20,000 लीटर अत्यधिक ज्वलनशील मेथनॉल भरा हुआ था। पलटते ही ढक्कन खुल गया और केमिकल सड़क पर फैलने लगा। आग इतनी तेजी से फैली कि हाईवे पर करीब 500 मीटर तक लपटें दौड़ गईं। आग लगने के साथ ही 500 मीटर की दूरी के दुकानदार दुकान बंद कर भाग खड़े हुए। हादसे के तुरंत बाद कोटपूतली-बहरोड़ जिला कलेक्टर प्रियंका गोस्वामी, एसपी देवेंद्र बिश्नोई, पावटा एसडीएम डॉ. साधना शर्मा, विराटनगर डिप्टी उमेश निठारवाल, कोटपूतली डिप्टी राजेंद्र बुरड़क मौके पर पहुंचे। पावटा के पास एनएच-48 पर चालक की लापरवाही से हादसा टैंकर चालक की लापरवाही से हादसा… टैंकर चालक सरोज, पुत्र केदारमल शराब के नशे में थे और हादसे में उनके हाथ में चोट आई, जिसका इलाज उपजिला अस्पताल में किया गया। टैंकर में केवल चालक ही मौजूद था। टैंकर गुजरात से मेथनॉल लेकर जयपुर की ओर जा रहा था। टकराव के दौरान टैंकर का ढक्कन खुल गया और केमिकल सड़क पर फैलने लगा, जिससे आग लगी। दमकलकर्मियों ने विशेष सतर्कता बरतते हुए आग पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया। दो आरओ के पानी से भरी पिकअप और दमकल की मदद से आग पर कई चक्कर लगाकर काबू पाया गया। ट्रैफिक जाम और हाईवे पर अफरा-तफरी… आग लगने के कारण जयपुर- दिल्ली और दिल्ली-जयपुर हाईवे पर लंबा जाम लग गया। कुछ वाहन प्रागपुरा से विराटनगर होते हुए वैकल्पिक मार्ग पर निकले, लेकिन आग और टैंकर की स्थिति के कारण जाम कोटपूतली तक पहुंच गया था। प्रशासन ने एहतिहात तौर पर भूमिका प्लाजा सहित पावटा के प्रमुख मार्गो सहित एक किमी की परिधि को सील किया सिटी की लाइट कटवाई। गौरतलब है कि अमावस्या के चलते अधिकांश दुकानें बंद थीं, जिससे बड़ा जनहानि टल गया। ग्रामीणों ने बताया कि संयोग से ही बड़ा हादसा टला, वरना परिणाम और गंभीर हो सकते थे। हादसे ने स्पष्ट कर दिया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर अत्यधिक ज्वलनशील रसायन के परिवहन के लिए सुरक्षा मानक पर्याप्त नहीं हैं। टैंकर चालक की लापरवाही ने खतरे को और बढ़ा दिया। प्रशासन ने थोड़ी स्थिति नियंत्रण में आने के बाद जयपुर दिल्ली हाईवे को 9:45 बजे खोल दिया।

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