जांजगीर | पलक्कड़ जिले के वालयार में छत्तीसगढ़ के राम नारायण बघेल की कथित मॉब लिंचिंग हुई। मृतक राम नारायण बघेल त्रिशूर में बीपीसीएल में मिस्त्री के रूप में काम कर रहे थे। 19 दिसंबर 25 को उन्हें बांग्लादेशी बताकर भीड़ ने मार डाला। मृतक की पत्नी ने मांगे पूरी होने पर ही शव लेने की बात कही है। उसने स्थानीय प्रशासन से 25 लाख रुपए की मुआवजा व बच्चों के भरण-पोषण की मांग की है। मृतक के भाई शशिकांत बघेल भाई व मृतक की पत्नी ललिता ने बताया कि उन्हें पुलिस द्वारा घटना की जानकारी नहीं दी गई और पोस्टमार्टम के दौरान परिवार को शामिल नहीं किया गया। परिवार ने वालयार पुलिस स्टेशन द्वारा एफआईआर संख्या 0975/2025 में केवल भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) शामिल करने की आलोचना की। उन्होंने एफआईआर में बीएनएस धारा 103(2), 117, 196(1) और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धाराओं 3(1)(आर) और 3(2)(वी) जोड़ने की मांग की है।


