ग्वालियर में कलेक्टर की जनसुनवाई में मंगलवार को स्ट्रेचर पर लाचार हालत में कैंसर पीड़ित बुजुर्ग महिला साधना द्विवेदी पहुंचीं। नम आंखों और कपकपाती आवाज में उन्होंने गुहार लगाते हुए कहा, “कलेक्टर साहिबा, मुझे मेरे बेटे-बहू से बचा लीजिए।” मामला सुनने के बाद एडीएम ने तत्काल संबंधित थाना प्रभारी को जांच करने, कार्रवाई करने और बुजुर्ग को सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश दिए। सिटी सेंटर स्थित करौली माता महलगांव इलाके की रहने वाली साधना द्विवेदी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं। लेकिन बीमारी से भी अधिक दर्द उन्हें उनके छोटे बेटे और बहू से मिल रहा है। यह आरोप उन्होंने जनसुनवाई में लगाए। बुजुर्ग महिला को उनके बड़े बेटे अमीश द्विवेदी मेडिकल स्ट्रेचर पर लाकर जनसुनवाई कक्ष में लेकर आए। बुजुर्ग का आरोप: मारपीट कर घर से निकाल देते हैं बेटा-बहू महिला की हालत देखकर जनसुनवाई कक्ष में मौजूद अधिकारी हैरान रह गए। तुरंत ही उन्हें एंबुलेंस से वापस भेजा गया। महिला ने बताया कि जब उनका बड़ा बेटा अमीश काम पर चला जाता है, तो छोटा बेटा अनंत और बहू दीपिका आए दिन उनके साथ मारपीट करते हैं। यहां तक कि उन्हें घर से बाहर निकाल देते हैं, जिसके कारण ठंड में उन्हें बाहर रहना पड़ता है। पुलिस ने भी नहीं की मदद महिला का कहना है कि 2021 में उनके पति का कोरोना के कारण निधन हो गया था। इसके बाद से घर को लेकर छोटे बेटे ने विवाद शुरू कर दिया। वह चाहता है कि पूरा मकान उसके नाम कर दिया जाए। इस जिद के चलते उसने बड़े बेटे पर अपनी पत्नी के जरिए झूठे आरोप लगवाए। कई बार मामला पुलिस थाने तक पहुंचा, लेकिन पुलिस ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया। एडीएम ने दिया सुरक्षा का आश्वासन बुजुर्ग महिला की परेशानी सुनने के बाद एडीएम कुमार सत्यम ने क्षेत्रीय पुलिस थाने को निर्देश दिया कि बुजुर्ग महिला को सुरक्षित माहौल प्रदान किया जाए और मामले की गंभीरता से जांच की जाए।


