भास्कर न्यूज | मुंगेली पदमपुर राष्ट्रीय गैर संचारी रोग कार्यक्रम के अंतर्गत विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पदमपुर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों को कैंसर के लक्षणों, बचाव और उपचार के आधुनिक तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। डॉ. मनीष बंजारा ने कहा कि कैंसर अब लाइलाज नहीं रह गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि शुरुआती अवस्था में ही बीमारी की पहचान कर ली जाए, तो इसका सफल उपचार संभव है। डॉ. बंजारा ने बताया कि खराब खान-पान और तनावपूर्ण जीवनशैली के कारण कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, 2045 तक कैंसर के मामलों में 10 लाख तक की वृद्धि हो सकती है, जो एक चिंताजनक विषय है। सरकार की नई गाइडलाइन्स का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि अब कैंसर की जांच और इलाज के लिए विदेशी पद्धतियों के बजाय स्वदेशी और भारतीय प्रोटोकॉल पर जोर दिया जा रहा है। सरकार इस दिशा में काफी गंभीर है ताकि आम नागरिकों को सुलभ और प्रभावी उपचार मिल सके। उन्होंने आगे कहा कि तंबाकू और गुटखा का सेवन इसका मुख्य कारण है। महिलाओं में स्तन और ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की समय पर स्क्रीनिंग के महत्व को समझाया गया। महिलाओं को स्तन स्वयं परीक्षण के तरीके भी बताए गए। फेफड़ों के कैंसर के मामले में बढ़ती संख्या को लेकर सचेत किया गया। जागरूकता शिविर में लगभग 50 ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान संदेश दिया गया कि जल्दी पहचान ही जीवन रक्षा की सबसे बड़ी कुंजी है। लोगों को तंबाकू से दूर रहने, संतुलित आहार लेने और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर सीमा पहारी, सुनीता मिरि, जलेश्वरी मिरि, मोनिका जांगड़े, सुधा, त्रिवेणी, किशोर, संतोष, अंकिता, रितेश, रीना सहित स्वास्थ्य केंद्र का स्टाफ और ग्रामीण जन उपस्थित रहे।


