नर्मदा नदी के समानांतर बड़वाह-धामनोद टू-लेन मार्ग को अब फोर लेन में तब्दील किया जाएगा। 62.8 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को हाईब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) पर बनाया जाएगा, जो ऐतिहासिक नगर महेश्वर को इंदौर समेत आसपास के जिलों से सुपरफास्ट कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में एमपीआरडीसी के इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। भू-अर्जन समेत इस प्रोजेक्ट के निर्माण पर 2508.21 करोड़ की लागत आएगी। प्रोजेक्ट कॉस्ट की 40% राशि एचएएम के तहत राज्य सरकार एकमुश्त मुहैया कराएगी। शेष 60% राशि संचालन अवधि में 15 साल के भीतर छमाही एन्युटी के रूप में राज्य के बजट से दी जाएगी। इसके अलावा 463.33 करोड़ रुपए का सुपरविजन चार्ज का भुगतान भी राज्य के बजट से किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि अभी इस मार्ग पर ट्रैफिक के भारी दबाव के कारण वाहन 30 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गुजरते हैं, फोरलेन बनने के बाद वाहनों को 100 किमी प्रति घंटा की गति सीमा मिलेगी। इस प्रोजेक्ट में 10 बायपास, 5 बड़े पुल, 23 मध्यम पुल, 12 अंडरपास, 7 बड़े जंक्शन, 56 मध्यम जंक्शन का निर्माण किया जाएगा। वेदर इन्फॉर्मेशन नेटवर्क एंड डाटा सेंटर कार्यक्रम बेमौसम बारिश, ओला, पाला, आंधी तूफान से होने वाले फसल नुकसान का मुआवजा सही किसानों को दिलाने और मुआवजा वितरण में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए मप्र में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का वेदर इन्फॉर्मेशन नेटवर्क एंड डाटा सेंटर (विंड्स) कार्यक्रम लागू किया जाएगा। कैबिनेट ने कृषि विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए प्रदेश की हर तहसील में एक ऑटोमैटिक वैदर स्टेशन और हर पंचायत में एक ऑटोमैटिक रेनगेज (वर्षा मापी यंत्र) स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए कैबिनेट ने 434.58 करोड़ के वित्तीय खर्च की मंजूरी दे दी है। इस कार्यक्रम के लिए केंद्र सरकार 287.58 करोड़ रुपए देगी। वहीं राज्य सरकार 147 करोड़ रुपए राज्यांश के रूप में देगी। ये वैदर स्टेशन व रेनगेज अगले पांच साल में स्थापित होंगे। जबलपुर में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के लिए 197.13 करोड़ मंजूर: कैबिनेट ने जबलपुर में स्थापित मप्र धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के दूसरे चरण में भवन निर्माण, 12 मल्टी स्टोरी स्टाफ क्वार्टर समेत अन्य निर्माण के लिए 197.13 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। मप्र में भोपाल के बाद जबलपुर में यह दूसरी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी है। 2031 तक रहेगी सक्षम आंगनवाड़ी, पोषण 2.0 योजना कैबिनेट ने प्रदेश में सक्षम आंगनवाड़ी योजना और पोषण 2.0 को 16वें वित्त आयोग की अवधि 2026-27 से 2030-31 तक प्रदेश में संचालित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इन दोनों योजनाओं का कार्यकाल मौजूदा वित्त वर्ष के साथ ही समाप्त हो रहा था। इन दोनों योजनाओं में प्रदेशभर के सभी 97 हजार 882 आंगनवाड़ी केंद्र संचालित किए जाते हैं।


