कृषि मंत्री डॉक्टर किरोडी लाल मीणा ने केंद्रीय बजट को युवा महिलाओं और बेरोजगारों के लिए हितकारी बताया है। उन्होंने इस बजट को विकसित भारत के सपने को साकार करने वाला बताया है। केंद्रीय बजट की घोषणा के बाद आज सवाई माधोपुर में इसे लेकर कृषि मंत्री डॉक्टर किरोडी लाल मीणा ने एक प्रेस वार्ता आयोजित की, जिसमें उन्होंने बजट की खूबियों के बारे में बताया। रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म वाला बजट बताया
कृषि मंत्री ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने कार्यकाल को 9वां बजट पेश किया है। यह इस शताब्दी के दूसरे क्वार्टर का पहला बजट है, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी, मध्यम वर्ग और उद्यमी के लिए स्पष्ट दिशा एवं मजबूत आधार प्रस्तुत करता है। केंद्र सरकार का यह बजट रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के सिद्धांत पर आधारित है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह बजट केवल सामाजिक न्याय तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्थिक भागीदारी, तकनीकी नेतृत्व और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की भूमिका को मजबूत करने वाला बजट है। बजट में भारत स्किल इंडिया, डिजिटल स्किल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स एवं ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित करने पर विशेष जोर दिया गया है। पर्यटन क्षेत्र में आई.आई.एम. के सहयोग से 10 हजार गाइडों के कौशल उन्नयन और खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से अगले दशक में खेल क्षेत्र में बदलाव लाकर युवाओं को नई दिशा देगा। जीवन रक्षक दवाएं हुई सस्ती
डॉ. मीणा ने बताया कि आमजन पर चिकित्सा व्यय का बोझ कम करने के उद्देश्य से दवाओं पर लगने वाले शुल्क में कटौती की गई। वहीं कैंसर की 17 जीवन रक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क शून्य किया गया है। मीडिल क्लास परिवारों को गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने के लिए जिला स्तर पर बायोफार्मा एवं आयुष केन्द्रों की स्थापना के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिससे सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित होंगी। राजस्थान को मिली यह सौंगातें
उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट से राजस्थान के टेक्सटाइल व हथकरघा क्षेत्र को विशेष लाभ मिलेगा। जिसके तहत भीलवाड़ा के टेक्सटाइल हब, जयपुर हैंडलूम तथा बाड़मेर-जोधपुर में रोजगार व निर्यात बढ़ेगा। महात्मा गांधी स्वरोजगार योजना अंतर्गत खादी-हथकरघा को प्रशिक्षण, मार्केट लिंकेज व ब्रांडिंग के माध्यम से सशक्त किया जाएगा, जिससे बुनकरों व कारीगरों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में 10 हजार करोड़ रुपये के समर्पित एमएसएमई विकास कोष से जयपुर, अलवर, भीलवाड़ा, कोटा व उदयपुर जैसे शहरों के छोटे उद्योगों को बड़ा बूस्ट मिलेगा। वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर व कनेक्टिविटी के तहत 5 लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 व टियर-3 शहरों और तीर्थ-पर्यटन स्थलों का विकास होगा। राज्य बजट में सवाई माधोपुर को कई सौगातें
कृषि मंत्री डॉ मीणा ने बताया कि 11 फरवरी को राज्य बजट में सवाई माधोपुर के पर्यटन को गति देने के लिए रणथम्भौर विकास, 150 करोड़ से अधिक की अमरूद प्रसंस्करण इकाई, हवाई अड्डा विकास, लघु उद्योग, आपदा प्रबंधन परियोजनाएं, लटियानाला सौंदर्यीकरण और धार्मिक-पर्यटन सर्किट की संभावनाएं शामिल होंगी।


