छत्तीसगढ़ के धमतरी नगर निगम क्षेत्र के गोकुलपुर वार्ड में एक निर्माणाधीन मकान पर बुलडोजर चलाए जाने के दौरान जमकर हंगामा हुआ। निगम की टीम दो बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची थी। मकान मालिक ने कार्रवाई का विरोध करते हुए बिना नोटिस और सूचना के तोड़फोड़ का आरोप लगाया। इस दौरान निगम कर्मचारियों और वार्डवासियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। यह घटना गोकुलपुर वार्ड के ब्रह्म चौक के पास हुई। जैसे ही निगम की टीम ने मकान तोड़ना शुरू किया, मकान मालिक धरम सोनकर मौके पर पहुंचे और बुलडोजर चलाने का विरोध किया। देखते ही देखते माहौल गरमा गया और बड़ी संख्या में वार्डवासी जमा हो गए। स्थिति को शांत करने के लिए थाना सिटी पुलिस भी मौके पर पहुंची। निगम टीम ने बिना नोटिस मकान के एक हिस्से को तोड़ा पीड़ित धरम सोनकर ने बताया कि निगम अधिकारी बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के दो बुलडोजर लेकर आए और उनके मकान के एक हिस्से को तोड़ दिया। उन्होंने दावा किया कि उनके पास उस जगह का वैध पट्टा है। सोनकर ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले देर रात भी निर्माणधीन मकान को तोड़ने का प्रयास किया गया था, तब यह कहा गया था कि पट्टा अवैध है और उसे नवीनीकृत करने की बात कही गई थी। निगम ने भूमि को शासकीय बताया इस मामले पर स्थानीय विधायक ने नगर निगम पर भोले-भाले गरीब जनता के मकानों पर बुलडोजर चलाने का आरोप लगाया। वहीं, नगर निगम के PWD सभापति ने इसे शासकीय भूमि बताते हुए कहा कि महापौर रामू रोहरा के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। जानिए पूरा मामला मामला यह है कि एक मकान का निर्माण लंबे समय से नहीं किया जा रहा था। सोमवार को नगर निगम की टीम वहां पहुंची और मकान तोड़ना शुरू कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने रोकने की कोशिश की, तो कर्मचारियों ने उन्हें धक्का देकर बाहर निकाल दिया। पीड़ित की मांग है कि जिस मकान को तोड़ा गया है, उसे फिर से बनवाया जाए और पूरा नुकसान भरपाई की जाए। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो वे सड़क पर बैठकर चक्का जाम करेंगे। विधायक का आरोप- गरीबों के मकानों पर बुलडोजर चल रहे हैं मौके पर पहुंचे विधायक ओंकार साहू ने कहा कि मकान पर निगम प्रशासन ने बुलडोजर चलाया। उनका आरोप है कि जब से भाजपा की सरकार निगम में है, तब से भोले-भाले गरीब लोगों के मकानों पर बुलडोजर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो मकान तोड़ा गया, उसका पट्टा 2044 तक वैध है, और इस कार्रवाई के पीछे बड़े अधिकारियों का संरक्षण है। विधायक ने यह भी कहा कि मौके पर आए अधिकारी सिर्फ पल्ला झाड़ रहे थे और आयुक्त कलेक्ट्रेट में बैठे रहे। उनका कहना है कि पहले किसान परेशान थे, अब निगम की वजह से जनता परेशान हो रही है। दूसरी तरफ, नगर निगम के पीडब्ल्यूडी सभापति विजय मोटवानी ने कहा कि जहां अवैध निर्माण हुआ है, वहां सरकार ने सख्ती दिखाई है। उन्होंने कहा कि महापौर रामू रोहरा का बुलडोजर चलाया गया और जो अतिक्रमण किया गया, वह शासकीय जमीन पर था। पट्टा दिखाने की बात सही नहीं है, क्योंकि वह पट्टा उस जगह का नहीं है।


