सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की अध्ययनशालाओं में साफ पानी की व्यवस्था को लेकर एनएसयूआई के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कई अध्ययनशालाओं में जाकर स्थिति देखी। इस दौरान कुछ विभागों में वाटर कूलर बंद या खराब स्थिति में मिले। वहीं कॉमर्स डिपार्टमेंट के वाटर कूलर में छिपकली चलती हुई दिखाई दी। एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष हिमांशु शर्मा के साथ एनएसयूआई के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित अध्ययनशालाओं में पहुंचकर वाटर कूलर की स्थिति देखी और पानी भी चैक किया। शर्मा ने बताया हिस्ट्री डिपार्टमेंट में विद्यार्थियों के लिए वाटर कूलर ही नहीं मिला। वहीं अर्थशास्त्र अध्ययनशाला में वाटर कूलर बंद मिला। फॉर्मेसी डिपार्टमेंट में एक वाटर कूलर में गंदा और बदबूदार पानी भरा हुआ था। वहीं कुछ विभागों में वाटर कूलर बंद स्थिति में रखे हुए मिले। सभी कार्यकर्ता उस समय चौंक उठे, जब वाग्देवी भवन स्थित कॉमर्स डिपार्टमेंट का वाटर कूलर का ढक्कन उठाया। ढक्कन उठाते ही वाटर कूलर में एक छिपकली नजर आई, जो पानी के ऊपर ही चल रही थी। कार्यकर्ताओं ने इसका वीडियो बनाया और इसकी जानकारी विभाग के एचओडी डॉ. एसके भारल को दी, लेकिन डॉ. भारल का जवाब सुन मौजूद एनएसयूआई कार्यकर्ता चकित रह गएडॉ. भारल बोले कि हमारे डिपार्टमेंट में सभी विद्यार्थी अपनी-अपनी पानी की बोतल साथ लेकर आते हैं। इस बारे में जब डॉ. भारल से चर्चा की तो उन्होंने अपना कथन स्वीकार करते हुए कहा कि वाटर कूलर का मामला संज्ञान में आया है। उसे ठीक करवाया जाएगा। इस दौरान एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष शर्मा के अलावा विश्वविद्यालय अध्यक्ष तरुण परिहार, जिला उपाध्यक्ष मयंकसिंह राजपूत, लकी शर्मा, पीयूष चौहान, साहिल जायसवाल सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।


