भास्कर न्यूज | नारायणपुर जिला अस्पताल में चिकित्सा क्षेत्र का एक अलग ही मामला सामने आया है। यहां एक भर्ती महिला मरीज को अचानक कॉर्डियक अरेस्ट के बाद चिकित्सकों की सतर्कता और टीम वर्क से जीवनदान मिला। मरीज को हाइपोवोलेमिक शॉक, डायबिटिक कीटोएसिडोसिस और गंभीर एनीमिया की स्थिति में अस्पताल लाया गया था। मरीज की बिगड़ती हालत के दौरान उसे कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) तकनीक, आपातकालीन दवाओं और अनुभवी डॉक्टरों की त्वरित प्रतिक्रिया से पुनर्जीवित किया गया। इस चुनौतीपूर्ण मामले को डॉ. हिमांशु सिन्हा और डॉ. धनराज डडसेना ने वरिष्ठ चिकित्सकों डॉ. एसएस देवदास और डॉ. मनोज गुप्ता की उपस्थिति में संभाला। नर्सिंग स्टाफ में मनीषा सरकार, दिलीप पोयाम, मंजुलता, राजबती, सुनीता टेकाम, मोहिता और एकता ने अपनी अहम भूमिका निभाई। आईसीयू प्रभारी डॉ. केकती ने इस पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शन किया। इस पूरी टीम की मेहनत और दृढ़ संकल्प के कारण मरीज की स्थिति स्थिर हो सकी। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन और अधीक्षक डॉ. विनोद भोयर एवं सीएमएचओ डॉ. एसएस राज ने नारायणपुर के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की इस सफलता पर सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने इसे अस्पताल की उत्कृष्ट सेवाओं का प्रमाण बताया। यह घटना जिला अस्पताल नारायणपुर में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों के प्रति समर्पण और दक्षता का प्रतीक है, जिसने न केवल मरीज बल्कि उसके परिजनों को भी नया जीवन दिया।


