सूरतगढ़ के स्वर्गीय श्री गुरुशरण छाबड़ा गवर्नमेंट कॉलेज में छात्राओं के लिए आयोजित आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का दूसरा सप्ताह शनिवार को उत्साहपूर्ण रहा। रानी लक्ष्मीबाई केंद्र के तत्वावधान में चल रहे इस शिविर में छात्राओं को आत्मरक्षा की बुनियादी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शिविर का उद्देश्य छात्राओं को शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे किसी भी विपरीत परिस्थिति का सामना आत्मविश्वास से कर सकें। शिविर के दौरान छात्राओं को पंच लगाने, किक मारने और हमले से बचाव के लिए ब्लॉकिंग जैसी आत्मरक्षा तकनीकें सिखाई गईं। प्रशिक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए एक विशेष सत्र में आत्मरक्षा तकनीकों का वीडियो प्रदर्शन भी किया गया, जिससे छात्राओं को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ। रानी लक्ष्मीबाई केंद्र प्रभारी पारुल भटेजा ने बताया कि महिला कॉन्स्टेबल कविता और भगोती बाई मीणा के मार्गदर्शन में यह शिविर संचालित हो रहा है। छात्राओं में प्रशिक्षण के प्रति गजब का उत्साह देखने को मिला और वे नई तकनीकें सीखने के लिए उत्साहित हैं। शिविर के तहत स्वास्थ्य और पोषण पर जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया। सारस्वत हॉस्पिटल के डॉ. उग्रसेन सारस्वत के नेतृत्व में छात्राओं का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस दौरान उन्हें स्वस्थ जीवनशैली और पोषण के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया। प्राचार्य डॉ. कमलजीत सिंह ने आत्मरक्षा प्रशिक्षण की उपयोगिता पर बल देते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियाँ छात्राओं को न केवल आत्मनिर्भर बनाती हैं, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाती हैं। शिविर में रोवर प्रभारी डॉ. सुनील पूनिया, विनोद गोदारा, मनीष गोदारा, रेंजर प्रभारी चंद्रकला, सहायक आचार्य सरस्वती देवी, लक्ष्मी नारायण पारीक, डॉ. गौरीशंकर निमिवाल, डॉ. मनोज सैनी, डॉ. अर्चना तंवर, पवन शर्मा और राकेश शर्मा का विशेष सहयोग रहा।


