यूकेएस कॉलेज, डकरा में इंटरमीडिएट संचालन को लेकर चल रहे सवालों के बीच मंगलवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी विनय कुमार की अध्यक्षता वाली जांच कमेटी ने कॉलेज का निरीक्षण किया। इस दौरान कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. प्रमोद कुमार सिंह ने जांच टीम के समक्ष स्पष्ट शब्दों में कहा कि पिछले दो शैक्षणिक सत्र से कॉलेज में इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी तरह बंद है। न तो इंटर के छात्र हैं, न शिक्षक-कर्मचारी और न ही कोई शैक्षणिक गतिविधि संचालित हो रही है। निरीक्षण के क्रम में प्रिंसिपल डॉ. प्रमोद कुमार सिंह ने जांच कमेटी को बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और यूजीसी के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत अब यह कैंपस केवल स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रमों के लिए अधिकृत है। ऐसे में कॉलेज अब पूर्ण रूप से डिग्री कॉलेज के रूप में संचालित हो रहा है और डिग्री कॉलेज में इंटरमीडिएट की पढ़ाई का कोई प्रावधान नहीं है। प्रिंसिपल ने यह भी स्पष्ट किया कि इंटरमीडिएट को बंद करने के लिए बहुत पहले ही सक्षम प्राधिकार को आवेदन दिया जा चुका है। इसके बावजूद कॉलेज को इंटरमीडिएट संचालित दिखाया जाना तथ्यों से परे और भ्रामक है। जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि कॉलेज में इंटरमीडिएट के लिए एक भी शिक्षक या कर्मचारी पदस्थापित नहीं है, इंटर के एक भी छात्र नामांकित नहीं हैं, न ही इंटरमीडिएट से जुड़ा कोई शैक्षणिक ढांचा सक्रिय है। निरीक्षण के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी विनय कुमार ने कॉलेज की भूमि से संबंधित सभी दस्तावेज प्रिंसिपल से जमा करने का निर्देश दिया है। डीईओ ने कहा कि दस्तावेजों की जांच के बाद रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। जिसके आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी। जांच कमेटी में डीईओ के अलावा जैक सदस्य एसएम ओमैर और अरुण कुमार महतो शामिल थे।


