सिटी रिपोर्टर|कोटा राजकीय संस्कृत महाविद्यालय भवन पर कॉलेज प्रशासन ने चेतावनी लिखी है कि भवन जीर्ण शीर्ण है, कोई भी प्रवेश न करे। अब इसी भवन के कमरों में कॉलेज परीक्षाएं करवा रहा है। कॉलेज में सभी 7 कमरे कंडम घोषित हैं। कॉलेज प्रशासन ने इसकी सूचना 20 जुलाई 2025 को दे दी थी लेकिन आज तक इन कमरों की मरम्मत नहीं हुई। अब हालात ये है कि इन कमरों का प्लास्टर गिर रहा हैं। लोहे के तार निकले हुए हैं। बारिश में तो स्टूडेंट्स पढ़ाई नहीं कर पाते थे। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि बरामदे की जगह सही है। यहां पर ही परीक्षाएं करवा रहे हैं। ^ महाविद्यालय में दो कमरे और एक बरामदा थोड़ा सा सही है। यहीं पर परीक्षाएं करवा रहे है। साथ ही 8 करोड़ का प्रस्ताव भेज दिया है। जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। – डॉ हंसराज गुप्ता, प्राचार्य, राजकीय संस्कृत कॉलेज, कोटा पिछले दिनों पिपलोदी हादसे के बाद कॉलेज प्रशासन ने यहां के सारे कमरे बंद करवा दिए थे। कमरों के बाहर असुरक्षित होने की चेतावनी भी चस्पा कर दी थी। कॉलेज प्रशासन ने मरम्मत के लिए प्रस्ताव भी सरकार को भेज दिया, लेकिन यह राशि आज तक नहीं मिली। अभी तीन सेमेस्टर की परीक्षाएं : पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष पंकज दाधीच का कहना है कि अभी शास्त्री प्रथम, तृतीय और पंचम सेमेस्टर की परीक्षाएं आयोजित की जा रही है। परीक्षाएं 2 फरवरी से शुरू हुई थी। उनका कहना है कि शिक्षामंत्री मदन दिलावर से इस संबंध में मिल चुके हैं लेकिन अभी तक नतीजा सिफर ही है। जल्द ही इसकी मरम्मत नहीं करवाई गई तो कॉलेज बंद करवा देंगे।


