हरदा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. संगीता बिले को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। दोपहर तीन बजे से रात नौ बजे तक प्राचार्य के कक्ष के सामने बैठकर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। रात करीब नौ बजे परिषद के कार्यकर्ताओं ने एसडीएम अशोक डेहरिया को ज्ञापन सौंपा। इसमें प्राचार्य डॉ. संगीता बिले को दो दिनों के भीतर हटाने का अल्टीमेटम दिया गया। चेतावनी दी गई कि यदि प्राचार्य को नहीं हटाया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान प्राचार्य डॉ. बिले के साथ तीन महिला प्राध्यापक सहित छह कर्मचारी भी धरना समाप्त होने तक महाविद्यालय में मौजूद रहे। एसडीएम अशोक डेहरिया भी दूसरी बार रात आठ बजे कॉलेज पहुंचे और करीब एक घंटे तक एसडीओपी शालिनी परस्ते और टीआई रोशनलाल भारती के साथ छात्रों को समझाइश देते रहे। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को भी स्थिति से अवगत कराया। विद्यार्थी परिषद के नगर मंत्री शुभम ढोके ने आरोप लगाया कि प्राचार्य बिले महाविद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार करने में असमर्थ हैं। उन्होंने बताया कि प्राध्यापक मनमर्जी से आते-जाते हैं, जिससे कक्षाएं नहीं लग पातीं। इसके अलावा, कमरों की सफाई नहीं होती, बाथरूम गंदे रहते हैं और छात्राओं के लिए सैनिटरी पैड मशीन भी नहीं लगाई गई है। ढोके ने यह भी बताया कि जब परिषद कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य से समस्याओं पर चर्चा करनी चाही तो उन्होंने खुद को ‘मानसिक रूप से प्रताड़ित’ बताया। वहीं, प्राचार्य डॉ. बिले का कहना है कि परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा बताई गई खामियों में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कॉलेज का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्हें कॉलेज की लाइब्रेरी में अव्यवस्था मिली थी। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कॉलेज के ग्रंथपाल वी.के. बिछोतिया को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। यह है प्रमुख मांगे


