कॉल सेंटर पर दबिश देकर 14 बदमाश किए गिरफ्तार:ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत एक्शन, 4 लैपटॉप, 53 मोबाइल जब्त

जयपुर के मुहाना थाना पुलिस ने आज ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत कार्रवाई करते हुए एक दर्जन से अधिक बदमाशों को गिरफ्तार किया है। सभी बदमाश मुहाना इलाके में लोगों को ऑनलाइन सट्टा खिलाकर धोखाधड़ी कर रहे थे। शिकायत मिलने पर पहले पुलिस ने सत्यापन कराया उसके बाद दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मौके से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रोनिक उपकरण जब्त किए हैं। एसीपी मानसरोवर प्रशिक्षु आईपीएस आदित्य कांकड़े ने बताया कि पुलिस को मिली सूचना के बाद पुलिस टीम ने मुहाना इलाके में चल रहे कॉल सेंटर पर रेड डाली। कॉल सेंटर के जरिए सटोरिए लोगों के साथ जालसाजी और धोखाधड़ी करते हुए सट्टा कारोबार चल रहे थे। बदमाशों ने मुहाना इलाके के हाज्यावाला में कॉल सेंटर खोल रखा था। पुलिस मौके से 14 युवकों को डिटेन कर थाने लेकर आई, जिस के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कॉल सेंटर पर रेड के बाद 4 लैपटॉप, 53 मोबाइल फोन, इंटरनेट राउटर, डोंगल समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त की। पुलिस को मौके से बदमाशों के 37 बैंक खातों की जानकारी मिली। जिस पर हुए ट्रांजेक्शन को लेकर बैंक से डिटेल ली जा रही है। इन बैंक खातों में कितना ट्रांजेक्शन अब तक हुआ ये लोग उस पैसे का यूज कैसे और किन कामों में किया करते थे, इसकी भी जांच की जा रही है। वहीं एक क्रेटा गाड़ी को भी पुलिस ने जब्त किया है। जांच टीम को मौके से दो रजिस्टर भी मिले हैं जिनमें दो करोड़ का 2 महीने का हिसाब-किताब मिला है। गिरफ्तार आरोपी डायमंड एक्सचेंज समेत 10 आईडी से ठगी का कारोबार चला रहे थे। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए देशभर के लोगों से संपर्क करते और फिर उन लोगों को आईडी मुहैया कराकर बैटिंग एप्लीकेशन के जरिए ठगी का शिकार बनाते। 10% कमीशन का लालच देकर आईडी प्रोवाइड कराकर फर्जी तरीके से खोले गए अकाउंट में रुपए ट्रांसफर करवा लेते थे। फिर उस आईडी को बंद कर देते थे। लोगों से धोखाधड़ी करने के लिए बदमाश सोशल मीडिया पर 5 हजार रुपए प्रतिदिन के हिसाब से विज्ञापन भी सर्कुलेट करते। विज्ञापन देखकर अधिक मुनाफा कमाने के लालच में आम लोग इनके जाल में फंस जाते। गिरोह का सरगना रजत कुमार है जो पुलिस की पकड़ से दूर है, मुहाना थाना पुलिस ने आरोपियों से 37 अकाउंट भी बरामद किए हैं, जिन्हें फ्रिज करवा दिया गया है। फिलहाल पुलिस मोबाइल फोन और अकाउंट के आधार पर ठगी के नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।

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