कोंडागांव शहर में ट्रैफिक से राहत देने के लिए बनाया गया 8.89 किलोमीटर लंबा बायपास अब सुरक्षा की दृष्टि से खतरा बन गया है। 77 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस बायपास को राष्ट्रीय राजमार्ग-30 से जोड़ा जाना था। बायपास के दोनों छोर पर 90 डिग्री के टी-जंक्शन बनाए गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के रिटायर्ड अधिकारियों के मुताबिक, यहां यू-टर्न होना चाहिए था। एनएचएआई के मानकों के अनुसार मोड़ को यू-शेप में बनाया जाना था। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग को भी चौड़ा किया जाना आवश्यक था। स्थानीय ट्रक चालक रमेश नेताम का कहना है कि, बायपास से मेन रोड में प्रवेश करते समय सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते। इससे हादसे की संभावना बनी रहती है। स्वतंत्र इंजीनियरिंग जांच की मांग स्थानीय नागरिकों ने बायपास की स्वतंत्र इंजीनियरिंग जांच की मांग की है। उनकी मांग है कि खतरनाक मोड़ों पर स्पीड ब्रेकर और इंडिकेटर लगाए जाएं। साथ ही यू-टर्न का इंजीनियरिंग मॉडल लागू किया जाए। लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता ए.आर. मरकाम का कहना है कि वे एनएच के मापदंडों के अनुसार कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जैसी स्वीकृति मिली है, उसी के अनुसार निर्माण कार्य चल रहा है।


