कोंडागांव में जंगल को आग से बचाने विशेष पहल:वन अधिकारी के सख्त निर्देश- वन प्रबंधन समितियां आग से बचाव अभियान तेज करें

कोंडागांव जिले में दक्षिण वन मंडल के वन मंडलाधिकारी चूड़ामणि ने सभी वन प्रबंधन समितियों को वनों को आग से सुरक्षित रखने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ग्रामीण स्तर पर जनजागरूकता अभियान तेज करने का आदेश भी दिया। इन निर्देशों के तहत, वन प्रबंधन समितियां गांव-गांव जाकर लोगों को वनों में आग लगने से होने वाले नुकसान और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दे रही हैं। इसी कड़ी में, संयुक्त वन प्रबंधन समिति हांडीगांव (परिसर – हांडीगांव, उप-माकड़ी, परिक्षेत्र – माकड़ी) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में वन सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान अवैध कटाई, अवैध शिकार, अवैध अतिक्रमण, अवैध उत्खनन और ग्रीष्मकाल में वन क्षेत्रों में आग लगने की घटनाओं की रोकथाम पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के बाद इन सभी बिंदुओं पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव में यह तय किया गया कि समिति के सदस्य सतत निगरानी रखेंगे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग को देंगे। इसके अलावा, परिसर उलेरा में भी वन प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गई। यहां विशेष रूप से वनों को आग से बचाने के उपायों पर चर्चा हुई। समिति सदस्यों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे जंगल में जलती बीड़ी-सिगरेट न फेंकें, महुआ बीनने या अन्य कार्यों के दौरान आग का उपयोग न करें और किसी भी आग की घटना की तुरंत सूचना दें। समितियों द्वारा यह संदेश भी दिया जा रहा है कि “वन हमारी जीवनरेखा हैं। एक छोटी-सी लापरवाही सैकड़ों हेक्टेयर जंगल, वन्यजीव और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा सकती है। वनों की सुरक्षा केवल वन विभाग की नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।” वन विभाग और वन प्रबंधन समितियों का यह संयुक्त प्रयास जिले में वनों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *