कोंडागांव में धर्मांतरण के आरोप को लेकर ईसाई समुदाय और बजरंग दल के बीच विवाद हो गया। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। यह मामला माकड़ी थाना क्षेत्र के काटागांव का है। जानकारी के अनुसार, मसीह समाज से जुड़े कुछ लोग शुक्रवार को काटागांव में एक आदिवासी परिवार के घर पहुंचे थे। इसी दौरान आदिवासी समाज और बजरंग दल के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए और धर्मांतरण कराने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोपों के घेरे में आए लोग बोले- परिवार ने बुलाया आरोपों के घेरे में आए लोगों का कहना है कि उन्हें संबंधित परिवार ने ही अपने घर बुलाया था। हालांकि, जिस परिवार के घर ये लोग पहुंचे थे, उसके सदस्य तरुण कुंजाम ने इस बात से इनकार किया है कि उन्होंने किसी को बुलाया था। क्लर्क समेत 4 को पूछताछ के लिए थाने लाया गया इस मामले में धर्मांतरण कराने के आरोप में चार लोगों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया है। इनमें जल संसाधन विभाग में बाबू के पद पर पदस्थ अरुण कुमार चौहान, उनकी पत्नी दुलारी बाई, साली किरण पुजारी और एक मित्र संतोष कुमार कश्यप शामिल हैं। मामले की जांच जारी- तहसीलदार माकड़ी तहसीलदार अंकुर रात्रे ने बताया कि विवाद की सूचना पर कुछ लोगों को माकड़ी थाने लाया गया है। मामले की जांच की जा रही है। वहीं, अरुण कुमार चौहान ने कहना है कि मुझे बुलाया गया था, इसलिए मैं परिवार और मित्र के साथ वहां गया था। धर्म परिवर्तन कराने का कोई इरादा नहीं था। बजरंग दल ने की सख्त कार्रवाई की मांग इधर, तरुण कुंजाम ने कहा कि मैंने किसी को नहीं बुलाया। वे लोग खुद मेरे घर पहुंचे थे। घटना के बाद बजरंग दल और आदिवासी समाज के नेता थाने पहुंचे और आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने 25 दिसंबर को प्रस्तावित मसीह समाज की रैली का भी विरोध किया। 25 दिसंबर की रैली पर रोक की मांग आदिवासी समाज के युवा नेता छोटू सलाम ने कहा कि पुलिस सख्त कार्रवाई करे और 25 दिसंबर की रैली पर रोक लगाए, नहीं तो समाज आंदोलन करेगा। बजरंग दल के जिला संयोजक दया सागर उइके ने भी सभी आरोपियों पर केस दर्ज करने की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।


