कोंडागांव में निकाय चुनाव को लेकर मतदान जारी है। इसी बीच कुछ मतदान केंद्रों पर पहचान पत्र को लेकर विवाद की स्थिति बन गई है। लोगों का कहना है कि पहचान पत्र को लेकर बनाए नए नियम को पहले बताया नहीं गया, न ही इसका कोई प्रचार-प्रसार किया गया। मतदाताओं का कहना है कि अलग-अलग मतदान केंद्रों पर अलग-अलग नियम लागू किए जा रहे हैं। कुछ केंद्रों पर चुनाव आयोग द्वारा दी गई पर्ची को मान्य माना जा रहा है, जबकि कुछ जगहों पर पहचान पत्र की अनिवार्यता पर जोर दिया जा रहा है। कुछ मतदाता परेशान होकर दोबारा वोट नहीं देने की बात कह रहे है। पहचान पत्र लेने दोबारा घर जाना पड़ा इस लेकर मतदाताओं में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कई बुजुर्ग मतदाताओं को पहचान पत्र लेने के लिए दोबारा घर जाना पड़ रहा है। राजनीतिक दलों के एजेंट मतदाताओं की पहचान कर लेते हैं, फिर भी पहचान पत्र की मांग की जा रही है। पहले कभी नहीं बनी भ्रामक स्थिति अधिवक्ता दिलीप जैन ने इस मुद्दे पर कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भी इतनी सख्ती नहीं थी। उन्होंने बताया कि पहले बीएलओ की पर्ची से आसानी से मतदान हो जाता था। मतदान केंद्रों में नहीं किया गया चस्पा उनका कहना है कि अगर ऐसा नया नियम लागू करना था, तो निर्वाचन अधिकारियों को इसकी सूचना मतदान केंद्रों पर चस्पा करनी चाहिए थी और व्यापक प्रचार किया जाना चाहिए था। स्थिति अभी स्पष्ट नहीं कुछ मतदाताओं ने तो यहां तक कह दिया कि वे दोबारा मतदान करने नहीं आएंगे। अधिकारी मतदाताओं को समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है।


