कोंडागांव में स्टूडेंट्स के आंदोलन पर जिला न्यायालय सख्त:वैकल्पिक मैदान न मिलने पर प्रशासन से मांगा जवाब;कोर्ट भवन निर्माण के विरोध में उतरे थे

छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में गुरुवार को स्टूडेंट्स ने खेल मैदान पर सिविल कोर्ट भवन निर्माण के विरोध में रैली निकाली थी। इस मामले में जिला न्यायालय ने एक्शन लिया है। कोर्ट ने वैकल्पिक मैदान न मिलने पर प्रशासन से पूरी जानकारी मांगी है। 1 दिसंबर तक जानकारी देगी होगी। इस मामले में जिला न्यायालय और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष किरण चतुर्वेदी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रशासन से विस्तृत जानकारी मांगने को कहा है। कोर्ट ने कलेक्टर, एसडीएम और संबंधित शैक्षणिक संस्थानों से सवाल पूछे कि नाबालिग बच्चों को पढ़ाई छोड़कर स्कूली समय में सड़क पर उतरने की स्थिति क्यों बनी? बच्चों की मांग क्या है और उसका वैधानिक आधार क्या है? विवादित भूमि के पिछले 15 सालों के अभिलेख, भूमि आवंटन के कागजात और वास्तविक स्थिति क्या है? साल 2014 में कोर्ट निर्माण के लिए भूमि आवंटित होने के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन ने वैकल्पिक मैदान उपलब्ध कराने के लिए क्या प्रयास किए? नाबालिगों के संरक्षण से जुड़ा मामला- कोर्ट कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के सड़क पर उतरने के कारणों को समझना और उनका समाधान निकालना आवश्यक है। यह मामला सीधे नाबालिगों के संरक्षण और उनके अधिकारों से जुड़ा है। संबंधित सभी विभागों को सोमवार तक दस्तावेजों सहित पूरी जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। न्यायालय का कहना है कि तथ्यों के स्पष्ट होने के बाद ही सही समाधान की दिशा में कदम उठाए जा सकेंगे। जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, शहर के महात्मा गांधी वार्ड स्थित पीएम श्री आत्मानंद स्कूल के सामने खेल मैदान में कोर्ट के लिए बिल्डिंग बनाया जाना है। नींव के लिए गड्ढे भी खोद लिए गए हैं। लेकिन स्टूडेंट्स इसका विरोध कर रहे हैं। सोमवार को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और महात्मा गांधी आत्मानंद स्कूल के स्टूडेंट्स ने कलेक्ट्रेट गेट के सामने धरना दिया था। छात्र-छात्राओं ने मैदान को बचाने की मांग रखी थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। गुरुवार सुबह स्कूल खुलते ही स्टूडेंट्स ने गड्ढों को कुदाल-फावड़ा उठाकर भरना शुरू कर दिया। स्टूडेंट्स कहना है कि यह मैदान सालों से खेलकूद और गतिविधियों का केंद्र रहा है। मैदान में कोर्ट भवन बनने से पढ़ाई और खेल सुविधाएं प्रभावित होंगी। गड्ढे भरने के बाद स्टूडेंट्स ने शहर में रैली निकाली। इस दौरान स्टूडेंट्स “मैदान बचाओ”, “कोर्ट कहीं और बनाओ” जैसे नारे लगाए। निर्माण स्थल पर भी विरोध जारी, पेरेंट्स भी साथ मैदान में गड्ढों को भरने के दौरान कई पेरेंट्स भी मौके पर पहुंचे और बच्चों का समर्थन किया। विरोध बढ़ते देख प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने की कोशिश की। अधिकारियों ने शांतिपूर्ण समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन छात्र मैदान पर निर्माण रोकने की स्पष्ट घोषणा की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना है कि न्यायालय भवन के लिए किसी वैकल्पिक स्थान का चयन किया जाए। छात्रों ने साफ कहा, “मैदान हमारा अधिकार है, इसे हमसे छीना नहीं जा सकता।” सिविल कोर्ट के लिए जमीन आवंटित कोंडागांव SDM अजय उरांव ने कहा कि 2014-15 में सिविल कोर्ट के लिए जमीन आवंटित हुई थी। आज निर्माण कार्य शुरू हुआ था। जिसका छात्रों ने विरोध किया। उनका कहना है कि निर्माण कार्य रोका जाए।

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