राज्य सरकार के प्रस्तावित 181 किलोमीटर लंबे कोटपूतली-किशनगढ़ ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी होने के बाद किसानों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कोटपूतली के ग्राम पंचायत चिमनपुरा में पनियाला मोड़ पर एक किसान महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों ने एक्सप्रेस-वे के निर्माण का विरोध किया। यह एक्सप्रेस-वे कोटपूतली तहसील के 14 गांवों से होकर गुजरेगा, जिसके लिए सरकार द्वारा जमीन अधिगृहीत की जा रही है। इन गांवों के किसान शनिवार को ग्राम चिमनपुरा में एकत्रित हुए और अपनी एकजुटता प्रदर्शित की। किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने मुख्य अतिथि के रूप में महापंचायत को संबोधित किया। उन्होंने किसानों की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि यह हाईवे पूंजीपतियों और व्यापारियों के लाभ के लिए बनाया जा रहा है, न कि किसानों के हित में। उन्होंने किशनगढ़ मार्बल उद्योग और नीमकाथाना क्षेत्र से कॉन्क्रीट रोड़ी पत्थर गुजरात भेजने के लिए इस परियोजना को तैयार करने का आरोप लगाया। जाट ने स्पष्ट किया कि प्रदेश का किसान किसी भी कीमत पर इस हाईवे के लिए अपनी जमीन नहीं देगा। किसानों ने हाथ उठाकर संकल्प लिया कि वे अपनी जमीन नहीं देंगे और इसके लिए गांवों में जन जागरण अभियान चलाया जाएगा। किसान महापंचायत संगठन के पदाधिकारी इस अभियान के तहत दौरा कर रहे हैं। ये रहे मौजूद
महापंचायत की अध्यक्षता पूर्व सरपंच पुष्कर रावत ने की। विशिष्ट अतिथियों में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रोहताश बोरा, प्रदेश महामंत्री सुंदरलाल भावरिया, प्रदेश संगठन मंत्री गोवर्धन तेतरवाल, प्रदेश सचिव महेश जाखड़, कोटपूतली-बहरोड़ जिलाध्यक्ष बाबूलाल चौधरी, खैरथल-तिजारा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी, अलवर जिलाध्यक्ष फूलसिंह जाटव, कृष्ण चंद यादव, किसान महापंचायत के युवा प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर पिंटू, प्रधान इंद्राज गुर्जर, कांग्रेस नेता राकेश रावत, कोटपूतली तहसील अध्यक्ष अशोक कुमार और मुंडावर तहसील अध्यक्ष रामभरोस यादव सहित कई अन्य पदाधिकारी और किसान मौजूद रहे।


