कोटा के मुकंदरा टाइगर रिजर्व के लिए खुशी की खबर आई है। एमपी के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से बाघिन को मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किया गया है। सीसीएफ सुगनाराम जाट ने बताया एमपी से लाई गई बाघिन को आज सुबह 8:30 बजे करीब मुकंदरा रिजर्व के झामरा घाटी स्थित एक हेक्टेयर के सॉफ्ट एंक्लोजर में रिलीज किया गया है। यहां उसकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी की जा रही है। विभाग की टीम रेडियो कॉलर के जरिए 24 घंटे बाघिन की निगरानी रखेगी। स्वास्थ्य परीक्षण और उसके बर्ताव के बाद उसे बड़े-बाड़े (एनक्लोजर) में रिलीज किया जाएगा। सुगनाराम जाट ने बताया- एमपी से लाई गई बाघिन साढ़े तीन साल की है। एमपी की टीम ने 27 फरवरी दोपहर 12.45 बजे बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर जोन के जगुआ बीट से सफलतापूर्वक ट्रेंकुलाइज किया था। उसके स्वास्थ्य परीक्षण की जांच की। रेडियो कॉलर पहनाया। इसके बाद टीम सड़क मार्ग से बाघिन को कोटा लाया गया। यह दूसरा मामला है जब अन्य प्रदेश से बाघ को राजस्थान शिफ्ट किया गया है। इससे पहले राजस्थान के बाघों की नस्ल बदलने के लिए पहली बार दिसंबर 2025 में मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व से बाघिन को बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में लाया गया था। सेना का MI-17 हेलिकॉप्टर 3 वर्ष की बाघिन ‘पीएन-224’ को लेकर जयपुर एयरपोर्ट पहुंचा था। फिर जयपुर से सड़क मार्ग से टाइग्रेस को बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व लेकर एनक्लोजर में छोड़ा गया। ————- ये खबर भी पढ़े -राजस्थान-बदलेगी बाघों की नस्ल, पहली बार MP से लाए बाघिन:सेना के हेलिकॉप्टर से जयपुर पहुंची, बूंदी के रामगढ़ विषधारी रिजर्व में छोड़ा राजस्थान के बाघों की नस्ल बदलने के लिए पहली बार मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व से बाघिन को लाया गया है। रविवार रात 10.30 बजे सेना का MI-17 हेलिकॉप्टर 3 वर्ष की बाघिन ‘पीएन-224’ को लेकर जयपुर एयरपोर्ट पहुंचा। एक्सपर्ट का दावा है कि इंटर स्टेट हवाई ट्रांसफर का यह पहला मामला है। जयपुर से सड़क मार्ग से टाइग्रेस को बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व ले जाया गया। सोमवार सुबह 6.30 बजे उसे एनक्लोजर में छोड़ा गया। कोटा के 21 हेक्टेयर के जंगल में घूमेगी बाघिन MT-7:रेडियो कॉलर से रखेंगे नजर; 14 महीनों से 5 हेक्टेयर के एनक्लोजर में रह रही थी कोटा में अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क से पिछले साल मुकंदरा में शिफ्ट की गई बाघिन को 5 हेक्टेयर के बाड़े से छुटकारा मिल गया है। अब वो थोड़े बड़े जंगल में घूम सकती है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा बाघिन को बाड़े से रिलीज करने की परमिशन के बाद आज बाघिन को 5 हेक्टेयर के बाड़े से 21 हेक्टेयर के जंगल में रिलीज किया गया।


