कोटा ग्रामीण के सांगोद इलाके में आवारा कुत्तों ने एक चार साल की मासूम बच्ची पर हमला कर दिया। इस हमले में बच्ची के चेहरे को कुत्तों ने बुरी तरह नोच डाला। बच्ची का नाम अलिजा है, जिसके मुंह, नाक, आंखों के नीचे और ललाट पर गहरे जख्म आए हैं। गनीमत रही कि इस हमले में उसकी आंखें बच गईं, वरना नुकसान और भी गंभीर हो सकता था। घटना 4 जनवरी की दोपहर सांगोद क्षेत्र में रामबाड़ी के सामने की बताई जा रही है। बच्ची के पिता आबिद ने बताया कि अलिजा घर के पास की दुकान से टॉफी लेकर लौट रही थी, तभी अचानक कई कुत्तों ने उसे घेर लिया और चेहरे पर हमला कर दिया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह बच्ची को कुत्तों से छुड़ाया, जिसके बाद उसे तुरंत सांगोद अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे कोटा के एमबीएस अस्पताल रैफर किया गया, जहां वह सर्जरी विभाग में भर्ती है। एमबीएस अस्पताल के सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. नीरज देवंदा ने बताया कि बच्ची को रैबीज के खतरे को देखते हुए इम्युनोग्लोबुलिन इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं और उसकी हालत फिलहाल स्थिर है।
यह घटना सांगोद क्षेत्र में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को उजागर करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से कुत्तों का आतंक है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। कोटा में यह पहली घटना नहीं है। कुछ दिन पहले 27 दिसंबर पाटन पोल इलाके में एक ऑटो ड्राइवर पर भी कुत्तों ने हमला कर उसके मुंह को नोच डाला था, जिसे एमबीएस अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और मानवाधिकार आयोग तक आवारा श्वानों की समस्या पर सख्ती दिखा चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि कोटा शहर के कई पार्कों में लोग मॉर्निंग वॉक पर जाना तक छोड़ चुके हैं।


