जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया ने कोटा के सबसे बड़े मातृ एवं शिशु अस्पताल जेके लोन हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कई कमियां सामने आने पर सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने मरीजों और तीमारदारों के लिए वेटिंग हॉल में कुर्सियां लगाने, ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने, कॉरिडोर में पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था करने के साथ अस्पताल परिसर और वार्डों में नियमित सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। भवन मरम्मत और मेंटेनेंस कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश जिला कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को भवन मरम्मत एवं निर्माण कार्यों में गति लाने और मेंटेनेंस कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. संगीता सक्सेना और जेके लोन अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा भी मौजूद रहीं। जेके लोन अस्पताल कोटा ही नहीं एमपी के मरीजों का भी प्रमुख केंद्र सामरिया ने कहा कि जेके लोन अस्पताल कोटा संभाग का ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश सीमा तक के मरीजों के लिए भी प्रमुख केंद्र है। ऐसे में यहां की सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुरानी बजट घोषणाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई है और सभी अधिकारियों को अस्पताल की व्यवस्थाएं शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।


