तीन दिवसीय कोटा महोत्सव का रंग जमने लगा है। पहले दिन रिवर फ्रंट पर बड़ी संख्या में शहर के लोग और आस-पास के जिलों से पर्यटक पहुंचे। रिवर फ्रंट के पश्चिमी घाट पर स्थानीय कलाकारों ने अपना-अपना हुनर दिखाया। चंबल रिवर फ्रंट शौर्य घाट पर फूड कोर्ट, फोटो एग्जीबिशन, क्राफ्ट बाजार, अमृता हाट, पेंटिंग वर्कशॉप लगाई गई। सुबह 10 से शाम 4 बजे तक काफी बड़ी संख्या में लोग रिवर फ्रंट पर पहुंचे। यहां 75 के करीब स्टॉल लगाई गई है, जिनमें स्क्रेब से बनी डायरी से लेकर चांदी के आइटम है। अमृता हाट में कई स्टॉले लगी हुई है। वहीं यहां चांदी से बने आइटम में डिनर सेट से लेकर आभूषण मौजूद है। महिला स्वयं समूह की ओर से हाथों से बनाएं कई अलग-अलग तरह के कलात्मक वस्तुएं अचार, कैंडी, जेम, मुरब्बा, सोस, शर्बत की स्टॉल्स लगाई गई। महिलाओं ने परिधानों की भी स्टॉल लगाई, जिनमें बंधेज की साड़ी, कोटा डोरिया की साड़ी अलग-अलग डिजाइनों के कपड़ों की स्टॉल मौजूद है। अलबेली महिला हस्तकला की गर्ल्स ने वेस्ट मटेरियल से बनाई कागज की डायरी से लेकर बैग और अन्य आइटम शामिल है। महिलाओं ने चंबल माता की आरती के लिए 1300 आटे के दीपक बनाए है। शौर्य घाट पर फूड कॉर्नर में अलग-अलग खाने की स्टॉल्स मौजूद है। तस्वीरों में देखे कोटा महोत्सव के रंग


