सड़क किनारे अस्थाई अतिक्रमण करने वालों और गंदगी फैलाने वालों पर नगर निगम अब सख्त हो गया है। निगम ने शहर में विभिन्न स्थानों पर 184 चालान काटकर अतिक्रमियों और गंदगी फैलाने वालों से 99800 रूपए जुर्माना वसूल किया। आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि शहर विभिन्न स्थानों पर मुख्य सड़कों पर अस्थायी अतिक्रमण हो रहे हैं। यह लोग व्यवसाय करने के साथ मुख्य सड़क पर गंदगी भी फैला देते हैं। इस कारण सफाई करने के बाद भी स्वच्छता नजर नहीं आती। इन लोगों की बार बार समझाइश की जा रही है, लेकिन कई प्रयासों के बाद भी जब सुधार नहीं हुआ तो जुर्माने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। उन्होंने बताया- शनिवार को निगम के शौचालयों के निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में अस्थाई अतिक्रमण दिखाई देने के बाद स्वास्थ्य अधिकारी मोतीलाल चौधरी और ऋचा गौतम को अपने-अपने क्षेत्रों इनके खिलाफ कार्यवाही के निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया- दोनों के क्षेत्रों में कुल 184 लोगों के चालान काटकर 99800 रूपए जुर्माना वसूल किया गया। कार्रवाई होते देख कई अस्थाई अतिक्रमी भाग खड़े हुए। ऐसी कार्रवाई अब लगातार जारी रहेगी। स्वयं से करें शहर को स्वच्छ रखने की पहल वहीं, राज्य सरकार के दो साल पूरे होने पर शहर में स्वच्छता ड्राइव का आयोजन किया गया। इस दौरान विधायक संदीप शर्मा ने कहा- कोटा शहर को इंदौर की तर्ज पर स्वच्छ और सुंदर बनाया जाना संभव है। इसके लिए आवश्यक है कि शहर का हर नागरिक भी स्वच्छता के प्रयासों में सहभागी बने। जिला प्रशासन और नगर निगम कोटा के तत्वावधान में भीतरिया कुंड में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में श्रमदान करने के बाद विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि हमारा सपना है कि कोटा भी स्वच्छता की दिशा में अग्रणी है। इसके लिए प्रशासन का सक्रिय, स्वच्छता सैनिकों का कर्मठ और नागरिकों का जागरूक होना आवश्यक है। निगम और जिला प्रशासन अपने स्तर पर शहर को स्वच्छ बनाने में सक्रियता से काम कर रहे है। लेकिन जनता की सहभागिता भी हो जाएगी तो कोटा शहर भी स्वच्छता के पैमाने पर अव्वल स्थान पर आएगा। शहर में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए कई नए नवाचार किए जा रहे हैं। अंडर ग्राउण्ड कचरा पाइंट, केंद्रीयकृत सफाई हेल्पलाइन, स्रोत पर कचरे का पृथककरण आदि कई ऐसे नए प्रयास हैं जिनके सुखद परिणाम निकट भविष्य में नजर आने लगेंगे।


