कोटा में चल रहे 132वें राष्ट्रीय दशहरा मेले में शनिवार शाम को भगवान राम की बारात निकाली गई। इस मौके पर शहर के लोग बाराती बनकर प्रभु श्रीराम और माता जानकी के विवाह में शामिल हुए। कहीं पुष्पवर्षा तो कहीं आतिशबाजी हर तरफ उल्लास नजर आया। गीता भवन से लेकर श्रीराम रंगमंच तक 4 से 5 किलोमीटर लंबे मार्ग पर राम बारात का पग-पग पर स्वागत हुआ। राम बारात में जयश्रीराम के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। राम बारात में आगे-आगे पुरुष, झांकियां और भजन मंडली चल रही थी। इस दौरान महिलाएं डांडिया–गरबा, कालबेलिया, लोक कलाकारों का स्वांग बनाकर आए, जिन्हें देखने के लिए लोग रास्ते में खड़े रहे। शोभायात्रा मार्ग की छतों पर लोग प्रभु श्रीराम की झलक पाने को आतुर दिखे। राम बारात गीता भवन से श्रीपुरा, गांधीजी का पुल, कैथूनीपोल थाना, टिपटा, गढ़ पैलेस और किशोरपुरा दरवाजा होते हुए दशहरा मैदान श्रीराम रंगमंच तक पहुंची। राजसी वैभव से भरपूर दिखी शोभायात्रा
शोभायात्रा का दृश्य राजसी वैभव से भरपूर था। इसमें बग्घियां, घोड़े, ऊंट आकर्षण का केंद्र बने रहे। कलाकारों ने कच्छी घोड़ी नृत्य, चकरी नृत्य, बिंदोरी नृत्य और ढोल–ताशों के साथ बैंड की मधुर धुनों पर माहौल को भक्ति और उल्लास से सराबोर कर दिया। सिख समाज का गतका दल भी शामिल हुआ, जिसने अपने युद्धक कौशल से दर्शकों को रोमांचित कर दिया। राजसी पगड़ी पहने पैदल सैनिकों ने शोभायात्रा को भव्यता प्रदान की। 132वें राष्ट्रीय दशहरा मेले की राम बारात ने कोटा वासियों को धर्म, संस्कृति और उल्लास से सराबोर कर दिया। साथ ही हर किसी के मन को भक्ति भाव से भर दिया। जयपुर का बैंड और अयोध्या मंदिर की झांकी रही खास
मेला अध्यक्ष विवेक राजवंशी ने बताया कि शोभायात्रा से पहले विधायक संदीप शर्मा ने प्रभु राम और लक्ष्मण की आरती उतारी। पुलिस ने गॉड ऑफ ऑनर सलामी दी। जयपुर का प्रसिद्ध बैंड और अयोध्या मंदिर की झांकी इस बार खास आकर्षित रही। बारात के दौरान आसमान में आतिशबाजी हुई और इंद्रदेव की फुहारों ने मानो वातावरण को और पावन बना दिया।


