कोटा में एडमिशन सीजन शुरू हो गया है। शहर के कोचिंग संस्थानों द्वारा नए बैचों की घोषणा कर दी गई है। अधिकांश संस्थानों में आईआईटी-जेईई और नीट के बैच अप्रैल के पहले और दूसरे सप्ताह में शुरू हो रहे हैं। तिथियां की घोषणा होने के साथ ही कोटा में स्टूडेंट्स और पेरेंट्स पहुंचने लगे हैं। कोचिंग संस्थानों में रौनक नजर आने लगी है। स्टूडेंट्स और पेरेंट्स एडमिशन के लिए इंक्वायरी शुरू हो गई है। कोटा में एडमिशन शुरू होने के साथ ही शहर अपने पुराने रंग में लौटता दिखाई दे रहा है। इस बार कोटा एक अलग रंगत में नजर आ रहा है। शहर के कोचिंग संस्थान इस बार केयरिंग को लेकर ज्यादा सजग हैं। कोचिंग, करियर के साथ अब कोटा में केयरिंग को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। यहां आने वाले स्टूडेंट्स और पेरेंट्स को परिवार जैसा माहौल देने के साथ ही बेस्ट इकोसिस्टम दिया जा रहा है। (यूएई) मस्कट ओमान से मेडिकल की कोचिंग करने आई स्टूडेंट अहाना ने बताया कि कोटा इंजीनियरिंग और मेडिकल के लिए काफी फेमस है। यहां के रिजल्ट के बारे में काफी सुना है। पहली बार कोटा आई हूं। यहां एलन में मेडिकल में एडमिशन करवा दिया है। यहां पर पढ़ाई का पूरा एनवायरमेंट है। लाखों की तादाद में भारत ही नहीं विदेशों से भी बच्चे इंजीनियरिंग और मेडिकल की कोचिंग करने पहले कोटा ही आते हैं। परिजन रिद्दु खान ने बताया कि मस्कट ओमान में भी सभी कोचिंग खुली हुई है। मस्कट का एनवायरमेंट और कोटा का पढ़ाई का एनवायरनमेंट दोनों बिल्कुल अलग है कोटा में पढ़ाई का माहौल नजर आता है। यहां पर बच्चों के लिए टीचर बहुत मेहनत करते हैं। हमारे रिलेटिव ने मेरी बेटी को कोटा में कोचिंग करने के लिए सुझाव दिया था। इसीलिए मैंने यह डिसीजन लिया कि मैं अपनी बेटी को मस्कट ओमान से भारत के कोटा में मेडिकल की कोचिंग करवाऊंगी। वैसे हम रहने वाले मध्य प्रदेश के है। कोटा में बेटी को गर्ल्स हॉस्टल में रखेंगे यहां पर हॉस्टल का भी अच्छा एनवायरमेंट है। कोटा बहुत ही अच्छी और साफ जगह लगी मुजे। अमृतसर से आए गुरमीत सिंह ने बताया कि कोटा के बारे में काफी सुना है कि यहां पर अच्छा रिजल्ट आता है और यहां के कोचिंग करने वाले बच्चों को अच्छा कॉलेज मिलता है। बेटी का एडमिशन आईआईटी में करवाने आए हैं। कोटा की एलन कोचिंग में एडमिशन करवा दिया है। पहली बार कोटा में आए हैं पहले मन मे थोड़ा डर था की बेटी को कैसे छोड़ेंगे कोटा में अकेले लेकिन यहां पर आए तो देखा कोटा में काफी ऑप्शन है गर्ल्स के सेफ्टी पॉइंट के हिसाब से देखा जाए तो हॉस्टल सभी जगह अच्छा एनवायरमेंट है। जिला प्रशासन, पुलिस, जनप्रतिनिधि, आमजन, कोचिंग संस्थान मिलकर कोटा को केयरिंग सिटी बना रहे हैं। यहां हॉस्टल, मैस, ऑटो यूनियन सहित सभी हितधारक जुड़ रहे हैं और कोटा आने वाले स्टूडेंट्स पेरेन्ट्स के केयरिंग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित कर रहे हैं।
इन दिनों रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड एवं हाईवे पर विद्यार्थी एवं अभिभावक ही दिखाई दे रहे हैं। सबका एक ही लक्ष्य है कि कॅरियर सिटी कोटा में अपना कॅरियर बनाना। मेहनत एवं विद्यार्थियों से जुड़ाव इस शहर की संस्कृति बन चुका है। हर शहर अपनी संस्कृति की खुशबू से आगे बढ़ता है और कोचिंग कोटा के लिए संस्कृति बन चुकी है। मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस
कोचिंग में अध्ययनरत विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर कोचिंग संस्थानों द्वारा फोकस किया जा रहा है। संस्थानों में इसके लिए अलग से विंग की स्थापना की गई है। ताकि समय-समय पर विद्यार्थियों की काउंसलिंग की जा सके। ताकि वे तनावमुक्त होकर अपनी पढ़ाई कर सकें। योग, काउंसलिंग सेशन और मोटिवेशनल सेमिनार जैसी पहलें छात्रों को प्रेरित कर रही हैं।


