शहर के महावीर नगर इलाके में टीचर कॉलोनी स्थित नाले में दो भाइयों के करंट लगने का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। फुटेज में जोरदार धमाके के साथ आग लगती हुई दिखाई दे रही है। नाले में खड़े दोनों बच्चों के हाथ में डंडा (8 से 10 फीट) दिखाई दे रहा है। जिस बच्चे की (करन 11 साल) करंट से मौत हुई वो बिजली के पोल से 5-7 फीट दूरी पर था। बिजली के पोल से 11 केवी की लाइन गुजर रही है। सीसीटीवी सामने आने के बाद परिजनों ने चाइनीज मांझे में करंट दौड़ने की बात को गलत बताया है। वही प्रत्यक्षदर्शियों ने भी हाई टेंशन लाइन पर पतंग उलझने की बात को नकारा है। लोगों का कहना है कि दोनों बच्चों के करंट जमीन से लगा है। जिसमें करन (11) की मौत हुई। जबकि उसका छोटा भाई राहुल (9) बाल बाल बच गया। प्रत्यक्षदर्शी शैलेंद्र सक्सेना ने बताया कि 29 दिसंबर की बात थी। दिन के बारह, साढ़े बारह बजे का वक्त रहा होगा। मैं छत पर खड़ा हुआ था। एक काफी बड़ी पतंग मांझे के साथ लटकती हुई बिजली के पोल पर लगे चीनी सर्किल पर जाकर टकराई। पतंग के टकराते ही स्पार्किंग हुई। दो बच्चे नाले में थोड़ी थोड़ी दूरी पर खड़े थे। दोनों के हॉग में डंडा था। जैसे स्पार्किंग की आग उनपर गिरी। छोटा बच्चा चट्टान पर गिरा। बड़ा बच्चा मुंह के बल पानी की तरफ गिरा। मैं बड़े बच्चों को देख नहीं पाया। छोटे बच्चे को बचाने के लिए 10 फीट ऊंचाई से नाले की तरफ कूदा। छोटे बच्चे को उठाकर पड़ोसी नवल जी को दिया। आग ऊपर से गिरी थी। पतंग का मांझा नीचे नहीं था। तार भी काफी ऊपर था। पतंग के चीनी के बाउल से टकराने से जोरदार धमाका हुआ था। आग नीचे गिरते ही पानी में अर्थिंग आया होगा उस वजह से बच्चा तड़पा और मौत हो गई।धमाके की आवाज दूर तक लोगों ने सुनी थी। स्थानीय निवासी राजेंद्र कुमार जैन ने बताया उनकी नाले के पास एक छोटी सी स्टॉल (थड़ी) हैं। 29 दिसंबर को नाले में जोरदार धमाका हुआ था। मेरी स्टॉल घटना स्थल से 50-70 फीट दूर है। बहुत तेज स्पार्किंग हुई। नाले पर दो बच्चे थे। स्पार्किंग होने से दोनों बच्चे थोड़ी दूरी पर गिर गए। मेरा बेटा नवल जैन छोटे बच्चों को उठाकर नाले से बाहर लाया। हमने उसके शरीर पर काफी देर तक मालिश किया।उसकी छाती दबाई। काफी लोग इकट्ठा हो गए थे। करीब 1 घंटे बाद पुलिस मौके पर आई। हमें मौके पर पतंग व चाइनीज मांझा नजर नहीं आया। बिजली के पोल के पास कुछ तार नीचे पड़े हुए है। ये पता नही वो तार किस चीज के है। इसी जगह पर सालभर पहले करंट से 9 जानवर (सुअर) मर चुके। पिता हरिया बोले- घटना वाले दिन का सीसीटीवी सामने आया है जिसमें साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि दोनों बच्चों के पास बांस (डंडा) है। दोनों बच्चे बिजली के पोल से पतंग नहीं उतार रहे थे। वो पोल से काफी दूर थे। चाइनीस मांझा की वजह से उन्हें करंट नहीं लगा। उनके जमीन से करंट लगा। चाइनीस मांझे से करंट लगने की बात बिल्कुल झूठी है।


