शहर में अतिक्रमण के खिलाफ कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) की सख्ती लगातार जारी है। गुरुवार को शिवसागर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद शुक्रवार को नांता थाना क्षेत्र के रामनगर पत्थर मंडी इलाके में बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाया गया। रामनगर पत्थर मंडी क्षेत्र में केडीए द्वारा वर्ष 2002 में व्यावसायिक भूखंडों की योजना विकसित की गई थी। इस योजना के तहत 5,000 वर्गफीट के व्यावसायिक भूखंड चिन्हित किए गए थे, जिनमें से अधिकांश भूखंडों का विधिवत आवंटन भी हो चुका था। लेकिन 35 भूखंडों पर अवैध कब्जे कर लोगों द्वारा मकान बना लिए गए थे और यहां रहवासी उपयोग किया जा रहा था। इन भूखंडों की वर्तमान बाजार कीमत लगभग 35 करोड़ रुपये आंकी गई है। अतिक्रमण हटाने की मांग लंबे समय से उठ रही थी, लेकिन पूर्व में विरोध और तनाव की स्थिति के चलते कार्रवाई पूरी नहीं हो पाई थी। शुक्रवार को केडीए ने सख्त रुख अपनाते हुए भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। अतिक्रमणकारियों को पहले समझाइश दी गई और मकानों से सामान हटाने का समय दिया गया।
कुछ लोगों द्वारा विरोध भी किया गया, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी के बाद कार्रवाई जारी रखी। इसके बाद जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से अवैध निर्माणों को हटाया गया और व्यावसायिक भूखंडों को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। केडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और किसी भी दबाव में आकर कार्रवाई नहीं रोकी जाएगी।


