कोटा में जाम में फंसे 3-साल के बच्चे की मौत:मां-बाप रास्ता देने के लिए पुलिस के सामने गिड़गिड़ाते रहे, हॉस्पिटल लेकर जा रहे थे

कोटा में ट्रैफिक जाम में फंसने से 3 साल के बच्चे की मौत हो गई। बच्चा बीमार था। माता-पिता उसे हॉस्पिटल लेकर जा रहे थे। नेशनल हाईवे-52 पर रामगंजमंडी-कोटा मार्ग के दरा नाला के सिंगल लेन पर जाम लगा था। माता-पिता रास्ता देने के लिए पुलिस के सामने गिड़गिड़ाते रहे। करीब 3 घंटे तक जाम में फंसे रहने के कारण बच्चे ने दम तोड़ दिया। चेचट भटवाड़ा (रामगंजमंडी) निवासी पप्पू लाल ने बताया- बेटे हरिओम (3) को सर्दी, जुकाम और बुखार की शिकायत थी। रविवार रात 9 बजे उसे चेचट सरकारी हॉस्पिटल लेकर गए। बच्चे की गंभीर हालत के कारण सोमवार सुबह 7 बजे उसे कोटा रेफर कर दिया गया। बच्चे के शरीर में नहीं थी हलचल
पिता पप्पू लाल ने बताया- चेचट से सुबह करीब 7:30 बजे ऑल्टो कार से दरा नाला पहुंचे, जहां रेलवे अंडरपास पर जाम लगा हुआ था। अमझार पुलिया और सुंदरपुरा चौक के बीच करीब 3 घंटे तक जाम में फंसे रहे। पुलिस से भी मदद की गुहार लगाई, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। बच्चे के शरीर में हलचल नहीं थी। जाम से निकलने के बाद कोटा ले जाने से पहले मंडाना हॉस्पिटल में चेकअप के लिए लेकर गए। वहां दोपहर 12:30 बजे डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत के मामले की करेंगे जांच
रामगंजमंडी डीएसपी घनश्याम मीना ने बताया- दरा नाल में जाम की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। बच्चे की मौत के मामले की जांच की जाएगी। जाम न लगे, इसके लिए पुलिस के 25 जवान तैनात किए गए हैं। एम्बुलेंस को प्राथमिकता देकर निकाला जा रहा है। तीन बच्चों में सबसे छोटा था
हरिओम के पिता पप्पू लाल किसान हैं। पप्पू लाल ने बताया- मेरे तीन बच्चे हैं। हरिओम सबसे छोटा था। कार में हरिओम की मां मोहिनी और ड्राइवर भी था। हम सभी कार में 3-4 घंटे बैठे रहे। 15 दिन पहले एम्बुलेंस में मरीज की हुई थी मौत
दरा नाला के सिंगल लेन पर जाम में फंसने के कारण 15 दिन में यह दूसरी मौत है। इससे पहले खैराबाद निवासी अमीन टेलर की मौत हुई थी। हार्ट अटैक के बाद अमीन को कोटा रेफर किया गया था। एम्बुलेंस दो घंटे तक जाम में फंसी रही, इस दौरान मरीज ने दम तोड़ दिया। मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व से गुजरता है रास्ता
नेशनल हाईवे-52 (दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे) मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व, दरा के बीच से होकर गुजरता है। यहां हाईवे पर सिंगल लेन रेलवे अंडरपास बना हुआ है, जिसे दरा नाला कहा जाता है। सिंगल लेन होने के कारण बार-बार ट्रैफिक रोककर दूसरी दिशा के वाहनों को निकाला जाता है। दरा नाला में सिंगल लेन पर रोजाना इतना ट्रैफिक जाम रहता है कि उसको पार करने में 3-4 घंटे का समय लगता है। ज्यादा ट्रैफिक होने पर कई बार 12-12 घंटे तक जाम लगा रहता है। लेकिन, जनप्रतिनिधियों ने अभी तक इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया। कुछ दिन पहले ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश पर हाईवे पर दिन-रात जाम की समस्या को देखते हुए ट्रैफिक नियमों की पालना कर अस्थायी डिवाइडर लगाए गए, ताकि रोड के किनारे वाहनों का जाम न लगे। वहीं, 24 घंटे पुलिस की अस्थायी चौकी भी स्थापित की गई है। लेकिन, इसके बावजूद जाम की समस्या बनी हुई है।

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