कोटा में जिला औषधि भंडार के हेल्पर्स हड़ताल पर उतरे:कल से बाधित हो सकती है दवा सप्लाई, बोले, 6 हजार में घर खर्च चलाना मुश्किल, पेमेंट बढ़ाने की मांग

कोटा में राजस्थान मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना ने लगे पैकर्स हेल्पर्स आज से हड़ताल पर उतर गए है। हेल्पर्स व पैकर्स के कार्य बहिष्कार पर चले जाने से कल से मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना में दवाइयों की सप्लाई बाधित हो सकती है। जिला औषधि भंडार (DDW) व मेडिकल कॉलेज ड्रग वेयर हाउस (MCDW) में 18 के करीब हेल्पर्स व पैकर्स लगे हुए है। दोनों ड्रग वेयर हाउस से जिले के 80 डीडीसी काउंटर व मेडिकल कॉलेज से जूडे करीब 25 डीडीसी काउंटर पर दवा सप्लाई होती है। ड्रग वेयर हाउस में लगे हेल्पर्स व पैकर्स, वेतन बढ़ाने व जीएसटी कटौती निरस्त करने की मांग पर अड़े है। राजस्थान मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना कर्मचारी संघ मीडिया प्रभारी महावीर सेन ने बताया राजस्थान में 400 के करीब हेल्पर्स व पैकर्स लगे है।आरएमएससीएल में पिछले 10 सालों से हेल्पर व पैकर्स लगे हुए हैं। जो अभी तक 6,737 रूपए में काम कर रहे हैं। महंगाई के दौर में 6 हजार में परिवार का घर खर्च चलाना संभव नहीं है। हमारी सरकार से मांगे है कि हमें संविदा रूल में शामिल करें। वेतनमान में भी बढ़ोतरी की जाए। जिससे परिवार का भरण पोषण ठीक से हो सके। पिछली कांग्रेस सरकार के समय भी हमने धरना दिया था। उस समय केवल आश्वासन ही मिला था। पूरे प्रदेश में आरएमएससीएल में लगे हेल्पर व पैकर्स 22 दिसंबर से अनिश्चित हड़ताल पर चल रहे हैं। आज से कोटा में भी हेल्पर्स व पैकर्स अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर उतर गए। जब तक हमारी मांगे नहीं मानी जाएगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। ये है हमारी मांगे -आरएमएससीएल में लगे हेल्पर/ पैकर्स को Rajasthan Contractual Hiring To Civil Post Rules 2022 में शामिल किया जाए। -हेल्पर्स/ पैकर्स को हर महीने की 5 तारीख तक वेतन भुगतान किया जाए। -आरएमएलडीसी में शामिल किए जाने तक पैकर्स के वेतन से किए जाने वाले जीएसटी की कटौती बंद की जाए।

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