कोटा झालावाड़ रोड़ (NH 52) पर स्थित मंडाना टोल पर रोड़वेज कंडक्टर, टोल कर्मियों के बीच धक्का मुक्की व हाथापाई हुई। बताया जा रहा है कि फास्टैग से टोल नहीं कटने की बात पर विवाद हुआ। जिसके बाद कंडक्टर व टोलकर्मी आपस में उलझ गए। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच बचाव किया। घटना रविवार सुबह 9 बजे के आसपास की है। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। रोड़वेज बस इकलेरा झालावाड़ से आ रही थी। डीडवाना जा रही थी। बस में यात्री सवार थे। रोड़वेज कंडक्टर पृथ्वीराज सिंह ने बताया कि रविवार सुबह 8 बजकर 50 मिनट पर बस टोल की लाइन में लगाई थी। टोल पर लगा सेंसर ठीक से काम नही कर रहा था। जिस कारण फास्टैग रीड़ नहीं हुआ। टोल कर्मियों ने बस को आगे पीछे लेने को बोला था। एक बार बस को आगे पीछे ले लिया। उसके बाद भी फास्टैग से टोल नहीं कटा। बस के पैसेंजर परेशान हो रहे थे। इस कारण टोलकर्मियों से मैन्यूअल टोल काटने को कहा। इसी बात को लेकर बहस हो गई। टोल कर्मियों ने धक्का मुक्की ओर हाथापाई की। गला पकड़ने की कोशिश की। मैने तुरन्त दो बार 112 पर कॉल किया। कॉल नहीं लगा। फिर 1033 हेल्पलाइन नम्बर पर शिकायत रजिस्टर्ड करवाई। करीब 15 मिनट बाद टोल मैनेजर ने घटना के लिए माफी मांगी और बिना टोल काटे बस को निकाला। डीडवाना से इकलेरा झालावाड़ के बीच 4 टोल पड़ते है। कही पर भी फास्टैग से टोल कटने में दिक्कत नहीं आती। मंडाना टोल पर दिक्कत आई है। यहां लगे सेंसर ठीक से काम नहीं कर रहे। मंडाना टोल मैनेजर सुबोध ने बताया कि ज्यादातर रोड़वेज बसों में लगा फास्टैग पुराना है। ड्राइवर भी अपने हिसाब से फास्टैग की जगह बदलते रहते है। इस कारण फास्टैग रीड़ नहीं हो पाता। डीडवाना रोड़वेज बस का फास्टैग रीड़ नहीं हुआ था। फास्टैग डैशबोर्ड पर लगा था, जो भी उखड़ा हुआ था। ड्राइवर से बस को आगे पीछे लेने को कहा था। लेकिन कंडक्टर मैन्यूअल टोल काटने की बात पर अड़ गया। जबकि मैन्यूअल टोल काटने का नियम नहीं है। कंडक्टर टोलकर्मियों पर दबाव बना रहा था। एक बार तो उसने जबरदस्ती बेरिकेट हटाने की कोशिश की। जिसका सीसीटीवी फुटेज भी है।टोलकर्मियों ने उससे समझाइश की। वीडियो देखें


