कोटा में मुर्दा मवेशी उठाने पर बवाल:तीन दिन से नहीं उठ रहे मवेशी, गौशाला और अस्पताल में स्थिति खराब

कोटा की नगर निगम गौशाला और पशु अस्पताल में पिछले तीन दिन से हालात बिगड़े हुए है। यहां मृत गौवंश उठाए नहीं जा रहे है। जिसके चलते मृत पशुओं के शव यहां पड़े पड़े बदबू कर रहे है और स्टाफ का काम करना भी मुश्किल हो रहा है। मृत मवेशी नहीं उठाने का बड़ा कारण है इनके फेंकने की जगह। दरअसल, पहले मृत मवेशी बारां रोड पर फोर लाइन के पास फेंके जाते थे। करीब पंद्रह साल से यहीं इन मुर्दा मवेशियों को डंप किया जा रहा था। बाद में वन विभाग की आपत्ति और कार्यवाही के बाद जगह बदलकर बंधा रोड पर निगम की जमीन पर इन्हें डंप किया जाने लगा। ये जमीन ट्रेचिंग ग्राउंड के लिए निगम को अलॉट है। यहां अभी अस्थाई तौर पर फेंक रहे थे और नई व्यवस्था निगम देख रहा था। इसी दौरान एक महीने से यहां भी फेंकने का विरोध होने लगा। तीन दिन पहले इनकी गाड़ियों में कुछ लोगों ने तोड़फोड़ कर दी जिसके बाद से ठेकेदार ने मवेशियों को उठाना बंद कर दिया। अभी यहां से नहीं उठ रहे मवेशी अभी नगर निगम की किशोरपुरा, बंधा धर्मपुरा, पशु चिकित्सालय मोखपाड़ा समेत शहर के कई इलाकों से मवेशी नहीं उठ रहे है। इसमें मंगलवार तक किशोरपुरा 5, बंधा में 10 थी जिन्हें मंगलवार को जैसे तैसे उठवाया गया था। लेकिन अभी फिर यहां किशोरपुर में 2, बंधा में 4 और पशु चिकित्सालय में 8 मुर्दा मवेशी पड़े है। काम करने में आ रही दिक्कत, बुरा हाल सबसे ज्यादा स्थिति मोखापड़ा पशु चिकित्सालय के खराब होने लगे है। डॉक्टर भंवर सिंह ने बताया कि तीन दिन से ज्यादा होने को आ गए। यहां आठ मृत गौवंश पड़े हुए है। स्थिति ये है कि बदबू से बुरा हाल है। काम करने में भी दिक्कत आने लगी है। यहां आने वाले लोगों को मुंह पर कपड़ा बांधकर आना पड़ रहा है। हमारे लिए भी काम करना मुश्किल हो गया है। जाते ही विरोध, हंगामा कर रहे लोग ठेकेदार बाबू ने बताया कि तीन दिन पहले आंवली में मृत मवेशी फेंकने गए तो कुछ लोगों ने हंगामा करते हुए गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी। हम तो मृत मवेशी उठाने को तैयार है पर वहां जाते ही लोग हंगामा करने लगते है। बुधवार सुबह भी विरोध किया। मंगलवार को भी पुलिस को साथ लेकर अधिकारियों के साथ जाना पड़ा था। निगम गौशाला समिति के पूर्व चेयरमैन जितेंद्र सिंह ने बताया कि बंधा रोड पर कुछ प्रॉपर्टी डीलर है, वे लोगों को उकसा कर हंगामा कर रहे है। मृत मवेशियों को शहर के अंदर तो फेंक नहीं सकते। इन्हें तो बाहर ही फेंका जाएगा। लेकिन ये लोग जानकर ये स्थिति पैदा कर रहे है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *