कोटा में रेप के दोषी को अंतिम सांस तक जेल:कोर्ट की टिप्पणी- आरोपी ने गंभीर अपराध किया, न्यायोचित दंड देना उचित

कोटा में पॉक्सो कोर्ट क्रम 1 ने फैसला सुनाते हुए रेप के दोषी को अंतिम सांस तक (उम्रकैद) जेल में रहने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 2 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। आरोपी 14 साल की नाबालिग से फोन पर बात करता था और फिर उसे बहला-फुसलाकर अपने एक परिचित के कमरे पर ले गया, जहां, उसने उसके साथ रेप किया। करीब डेढ़ साल पुराने इस मामले में कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा- आरोपी ने एक गंभीर अपराध किया है। ऐसी स्थिति में, आरोपी को मामले में न्यायोचित दंड दिया जाना उचित रहेगा। इसलिए कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। अब 3 पॉइंट में समझिए पूरा मामला… 1. नाबालिग की मां ने दर्ज कराई थी शिकायत
मामले के अनुसार, मार्च 2024 में पीड़िता की मां ने शहर के एक थाने में शिकायत दी थी। जिसमें बताया कि उसकी 14 साल की बेटी है, जो सरकारी स्कूल में कक्षा 7 में पढ़ती है। वह फोन पर किसी से बातचीत करती है और गुमसुम रहती है। पूछने पर उसने बताया कि फरवरी महीने में आरोपी ने उसे कॉल कर अपने पास बुलाया। फिर किसी परिचित के कमरे में ले जाकर रात के समय रेप किया। किसी को बताने पर मारने की धमकी दी। आरोपी 15 दिन में एक बार बुलाता था। एक बार आरोपी उसे उसके दोस्त के पास भी लेकर गया। 2. 22 साल के आरोपी को अंतिम सांस तक कारावास
शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट में 16 गवाहों के बयान करवाए और 45 दस्तावेज पेश किए। स्कूली छात्रा से रेप के करीब डेढ़ साल पुराने मामले में पॉक्सो कोर्ट क्रम 1 ने आरोपी को सजा सुनाई है। कोर्ट में 22 वर्षीय आरोपी को अंतिम सांस तक कारावास की सजा और 2 लाख के अर्थदंड से दण्डित किया है। 3. न्यायोचित दंड दिया जाना उचित रहेगा
आरोपी 14 साल की नाबालिग से फोन पर बात करता था, फिर बहला फुसलाकर किसी परिचित के कमरे पर ले गया, जहां उसके साथ रेप किया। फैसले में कोर्ट ने टिप्पणी भी की है। कोर्ट ने कहा- आरोपी ने गम्भीर कृत्य ( अपराध) किया है। ऐसी स्थिति में अभियुक्त को मामले में न्यायोचित दंड दिया जाना उचित रहेगा।

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