कोटा शहर में सड़क हादसों पर प्रभावी रोक लगाने और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से यातायात पुलिस कार्यालय परिसर में सड़क सुरक्षा जागरूकता पार्क तैयार किया गया है। यह पार्क कोटा शहर पुलिस, लॉयंस क्लब कोटा नॉर्थ चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रयासों से विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य लोगों को नियमों का पालन डर से नहीं, बल्कि समझ, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ करने के लिए प्रेरित करना है। करीब छह लाख रुपये की लागत से तैयार यह पार्क कोटा रेंज डीआईजी राजेन्द्र प्रसाद गोयल और शहर एसपी तेजस्विनी गौतम के मार्गदर्शन से विकसित किया गया है। वरुण रस्सेवट ने बताया कि पार्क का प्रमुख आकर्षण करीब पांच फीट ऊंचा विशाल हेलमेट है, जो सड़क सुरक्षा और जीवन रक्षा का मजबूत प्रतीक बनकर उभरा है। इसके माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि हेलमेट पहनना केवल नियम नहीं, बल्कि जीवन बचाने का सबसे सरल उपाय है। हेलमेट न पहनने से होने वाले हादसों को स्टैच्यू और प्रतीकों के माध्यम से प्रभावी ढंग से दर्शाया गया है, जो लोगों को भावनात्मक रूप से झकझोरता है। उन्होंने बताया कि पार्क में महात्मा गांधी की शिक्षाओं को भी अनोखे अंदाज में प्रस्तुत किया गया है। गांधीजी के तीन बंदर बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो और बुरा मत बोलो यातायात में संयम, अनुशासन और जिम्मेदारी का संदेश देते हैं। वहीं यमराज और चित्रगुप्त के स्टैच्यू यह बताते हैं कि सड़क पर की गई लापरवाही का भी हिसाब होता है। ये प्रतीक विशेष रूप से युवाओं को तेज रफ्तार और नियमों की अनदेखी के गंभीर परिणामों से अवगत कराते हैं। पार्क में एक श्रद्धांजलि स्थल भी बनाया गया है, जो सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों को याद कराता है और गांधीजी के अहिंसा संदेश के साथ लोगों को नियमों के पालन का संकल्प दिलाता है। बच्चों और युवाओं के लिए यह पार्क एक अनोखा शिक्षण मंच है, जहां ट्रैफिक लाइट, सड़क संकेतक, पैदल मार्ग के संकेत, सुरक्षित क्रॉसिंग और सावधानी के मॉडल लगाए गए हैं, ताकि वे खेल-खेल में यातायात नियम सीख सकें। इसके साथ ही पार्क में एक विशेष काउंसलिंग सेंटर भी स्थापित किया गया है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों को यहां लाकर समझाइश दी जाएगी। दोबारा नियम तोड़ने पर संबंधित व्यक्ति की फोटो चस्पा की जाएगी।


