कोडरमा में दो नए सीएम उत्कृष्ट विद्यालयों का चयन, सीबीएसई पैटर्न की पढ़ाई होगी

भास्कर न्यूज | कोडरमा जिले में शिक्षा के क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल हुई है। जिले में दो नए स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय) खोलने के लिए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने विद्यालयों का चयन कर लिया है। चयनित विद्यालयों में सत्र 2027-28 से उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में सीबीएसई पैटर्न पर पढ़ाई शुरू होने की संभावना है। इसे लेकर शिक्षा विभाग ने तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। चयनित विद्यालयों में चंदवारा प्रखंड का उत्क्रमित उच्च विद्यालय जोंगी शामिल है, जहां वर्तमान में कक्षा 1 से 12 तक की पढ़ाई हो रही है। वहीं दूसरा विद्यालय मरकच्चो प्रखंड का सर्वोदय प्लस टू उच्च विद्यालय है, जहां कक्षा 9 से 12 तक का पठन-पाठन संचालित है। इन दोनों विद्यालयों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। वर्तमान में कोडरमा जिले में तीन मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय पहले से संचालित हैं। इनमें झुमरी तिलैया का सीडी बालिका उच्च विद्यालय, डोमचांच का चंद्रावती स्मारक उच्च विद्यालय तथा जयनगर का कस्तूरबा विद्यालय शामिल है। राज्य सरकार की ओर से कुल 100 नए स्कूल ऑफ एक्सीलेंस खोलने की स्वीकृति दी गई है, जिसमें कोडरमा जिले के दो विद्यालयों का चयन किया गया है। इस संदर्भ में झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन की ओर से जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों और चयनित विद्यालयों के प्राचार्यों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसमें बताया गया कि छह माह के भीतर चयनित विद्यालयों को सीबीएसई से मान्यता प्राप्त करनी है और सत्र 2027-28 से उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में संचालन सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों में सीबीएसई पैटर्न के अनुरूप शिक्षा दी जाती है। यहां अंग्रेजी माध्यम की पृष्ठभूमि वाले शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति होती है। स्मार्ट क्लासरूम, आईसीटी लैब, भाषा लैब, डिजिटल कंटेंट, विज्ञान और गणित की आधुनिक प्रयोगशालाएं सहित कई अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इन विद्यालयों में प्रवेश परीक्षा के आधार पर सीमित सीटों पर नामांकन लिया जाता है। जिला शिक्षा पदाधिकारी अविनाश राम ने बताया कि चयनित विद्यालयों में बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। सत्र 2027-28 से दोनों विद्यालय मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रूप में संचालित होंगे।

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