कोडरमा में धान की खरीदारी को लेकर पूर्व से चयनित 22 पैक्सों को बढ़ाकर किया गया 28

भास्कर न्यूज|सतगावां ठंड गरीब लोगों की जिंदगी में बड़ी मुसीबत लेकर आती है। कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की कहानी पूस की रात आज भी यह सच है। प्रखंड में इन दिनों पड़ रही हाड़ कंपाने वाली सर्द हवाएं चल रही है। लेकिन प्रखंड प्रशासन के द्वारा अबतक चौक चौराहों पर किसी भी तरह के अलाव की व्यवस्था नही किया है,जिससे खासकर गरीब और मजदूरी करनेवाले लोग ठंड से ठिठुर रहें है। लोगों का कहना है की न तो प्रखंड प्रशासन के द्वारा और न ही जनप्रतिनिधियों के द्वारा अलाव की व्यवस्था की गयी है। सार्वजनिक जगह पर अलाव जलाने की व्यस्था हो जाती तो ठंड से कुछ हद तक आम लोगों को राहत मिलती, मगर अलाव की व्यवस्था न होने से आमजनों को इस ठंउ में ठिठुरना पड़ रहा है। ठंड से बचने के लिए गरीब लोग किसी तरह प्लास्टिक,कूट कार्टून,कचरा आदि जलाकर लोग ठंड से बचने का प्रयास कर रहें है। प्रखंड के सुरेंद्र पाण्डेय,पप्पू पंडित,फागु लाल,रामनंदन सिंह,रामरतन पाण्डेय,राजेंद्र पाण्डेय,कुंदन कुमार, राहुल सहित दर्जनों लोग ने प्रखंड प्रशासन से अलाव की व्यवस्था करने की मांग की है। भास्कर न्यूज | कोडरमा जिले में पिछले 15 दिसंबर से पैक्सो के माध्यम से किसानों से शुरू की गई धान की खरीदारी के लगभग 18 दिन बीतने के बाद अब तक 22 पैक्सों के माध्यम से कुल 24000 क्विंटल धान की खरीदारी की गई है। वही धान की खरीदारी को लेकर जिले के अन्य छह पैक्सो को भी इससे जोड़ा गया है। इस तरह से अब कल 28 पैक्सो के माध्यम से किसानों से धान की खरीदारी की जाएगी। जिले में अब तक 531 किसानों से धान की खरीदारी की गई है। वही सरकार के घोषणा के अनुरूप किसानों से खरीदी गई धान के आधी कीमत यानी की 50% राशि की भुगतान करने के निर्धारित 7 दिनों के बाद भी अब तक किसानों को आधी राशि नहीं भेजी जा सकी है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अब तक मात्र 106 किसानों को ही उनसे खरीदी गई धान के एवज में आधी राशि की भुगतान की गई है। सरकार की ओर से इस बार धान की खरीदारी को लेकर न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2300 एवं बोनस के रूप में ₹100 प्रति क्विंटल निर्धारित की गई है। वही किसानों को धान की बिक्री के एवज में 7 दिनों के अंदर 50% यानी की 1150 रुपए प्रति क्विंटल का भुगतान करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा धान की खरीदारी को लेकर बनाई गई नियमावली के तहत टैग किए गए मिलों द्वारा जेएसएफसी को चावल नहीं उपलब्ध कराए जाने के कारण पैक्सों से मील को धान भेजने की प्रक्रिया भी काफी धीमी गति से चल रही है। इसके कारण कई पैक्सो के गोदाम भरे पड़े हैं। साथ ही धान की खरीदारी भी काफी धीमी हो गई है। विभाग स्तर से बनाई गई नियमावली के तहत मिल को सबसे पहले चावल जेएसएफसी को उपलब्ध कराई जानी है। इसके बाद इसी अनुपात में पैक्सो से धान मिल को भेजा जाना है। एक दो पैक्सों को छोड़कर जिले में धान की खरीदारी को लेकर सूचीबद्ध किए गए सभी पैक्सो के गोदाम की क्षमता 1000 क्विंटल की है। सरकार की ओर से इस बार कुल 1 लाख क्विंटल धान के खरीदारी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जबकि इस बार जिले में खरीफ मौसम के तहत धान की अच्छी पैदावार हुई है। साथ ही किसान भी अपनी धान को उचित कीमत पर पैसों में बेचने को लालायित है। मगर धीमी प्रक्रिया के कारण किसान अब विचलित होने लगे हैं। साथ ही पूर्व से धान की खरीदारी को लेकर भुगतान की जारी लेट लतीफ प्रतिक्रिया के कारण किसान औने पौने दामों पर बिचौलियों को धान बेचने को विवश दिख रहे हैं। साथ ही कई किसानों ने बिचौलियों के माध्यम से ही काफी कम कीमत पर धान की बिक्री भी कर डाली है। इसके अलावा पैक्स संचालकों का कहना है कि धान की खरीदारी को लेकर पिछले 3 सालों से कमीशन की राशि भी उन्हें नहीं मील सकी है। सरकार द्वारा धान की खरीदारी को लेकर पैक्स संचालकों को प्रति क्विंटल ₹31.25 रुई कमीशन देने की घोषणा की गई है। धान खरीदारी के लिए 6 अन्य पपैइ को भी किया गया है सूचीबद्ध किसानों से धान की खरीदारी को लेकर पूर्व में 22 पैक्सों को सूचीबद्ध किया गया था। वही जिला स्तर से छह अन्य पैक्सो को भी इसमें शामिल किया गया है। इस तरह से अब कल 28 पैक्सो के माध्यम से धान की खरीदारी की जानी है। जिन अतिरिक्त 6 पैक्सों को चयनित किया गया है उसमें मरकच्चो प्रखंड के चोपनाडीह, जामु,महिला फार्मर प्रोड्यूसर मरकच्चो के अलावा कोडरमा प्रखंड के पथरडीह महिला फार्मर प्रोड्यूसर शहीद जयनगर प्रखंड के परसाबाद और रूपायडी शामिल हैं। किसानों से खरीदी गई धान की आधी कीमत देने में हो रही विलंब को लेकर जिला आपूर्ति पदाधिकारी सह जिला प्रबंधक अविनाश पूर्णेन्दु ने बताया कि भुगतान के लिए आवंटन प्राप्त होने में विलंब के कारण भुगतान में देरी हुई है।

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