कोडरमा में मूर्ति स्थापित करने को लेकर हंगामा:आपस में भिड़े दो गुट के लोग, पोस्टर फाड़े फिर किया पथराव, पुलिस सहित कई घायल

कोडरमा के डोमचांच थाना क्षेत्र के रूपनडीह में संत रविदास जयंती पर मूर्ति स्थापना को लेकर हिंसक झड़प हो गई। पहले पोस्टर फाड़ने को लेकर विवाद हुआ, जो बाद में पथराव में बदल गया। इस दौरान डोमचांच थाना प्रभारी ओमप्रकाश समेत कई पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग घायल हो गए। आपस में उलझे लोगों को शांत करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। विवादित स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। एसडीओ रिया सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं। जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव बना हुआ है। बैनर पोस्टर हटाने से शुरू हुआ विवाद आज प्रतिमा स्थापना को लेकर लोग पहुंचे थे। जहां की घटना है वहां महज 60 फीट की दूरी पर संत रविदास मंदिर और मां दुर्गा मंदिर का निर्माण चल रहा है। आज जब लोग मूर्ति स्थापना के लिए पहुंचे, तब एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के बैनर-पोस्टर हटाने शुरू कर दिए। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते सैकड़ों लोग जमा हो गए और तीखी बहस के बाद दोनों पक्षों में जमकर पथराव हुआ। अब जानिए विवाद की पूरी कहानी डोमचांच थाना क्षेत्र अंतर्गत रूपनडीह में संत रविदास जी का एक मंदिर है, जो 11 वर्ष पहले से बना हुआ है। एक पक्ष के लोगों का आरोप है कि विगत कुछ महीने पहले ही वहां एक विशेष समुदाय के लोगों द्वारा दूसरे भगवान से संबंधित बैनर, पोस्टर और होर्डिंग के माध्यम से संत रविदास जी के मंदिर को ढक दिया गया है। मामले को लेकर एक पक्ष के द्वारा एक महीने पूर्व ही डीसी, पुलिस अधीक्षक और एसडीओ को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की गई थी। जिसके बाद आला अधिकारियों के निर्देश पर डोमचांच के सीओ और थाना प्रभारी उक्त स्थल का निरीक्षण करने भी पहुंचे थे। लेकिन एक महीने बीत जाने के बाद भी होर्डिंग और पोस्टर यथावत लगा हुआ है। क्या कह रहा है दूसरा पक्ष वहीं दूसरे पक्ष के लोगों ने बताया कि उक्त परिसर में वर्षों पहले से ही मां दुर्गा का मंदिर का ढांचा खड़ा है, जिसका निर्माण जल्द ही होने वाला है। उसी को लेकर वहां पोस्टर लगाया गया है। उक्त पोस्टर रविदास मंदिर से काफी दूरी पर लगाया गया है। दूसरे पक्ष का यह भी कहना है कि पहला पक्ष उस पूरे परिसर में किसी अन्य भगवान के मंदिर निर्माण का विरोध कर रहे हैं। जिसको लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है।

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