भास्कर न्यूज|कोडरमा पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश ने जिले में जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। रविवार को दिनभर बारिश का सिलसिला जारी रहा। लोगों को घरों से निकलना मुश्किल हो गया। जीउतीया पर्व पर विशेष साग सब्जी खरीदारी का परंपरा रही है। लेकिन बारिश के कारण बाजार में सब्जी विक्रेताओं का व्यवसाय प्रभावित हुआ। नगर के कई इलाकों में जलजमाव से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। रांची-पटना मुख्य मार्ग समेत प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही। कई जगह सड़कें तालाब जैसी दिखीं और वाहन घंटों तक जाम में फंसे रहे। बारिश से शहर के अंदरूनी मोहल्लों की गलियों में कीचड़ और फिसलन के कारण पैदल चलना भी कठिन हो गया है। बच्चों, बुजुर्गों और नौकरीपेशा लोगों को घर से निकलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से नालों का गंदा पानी सड़कों पर बह निकला, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। लगातार मुसलाधार बारिश ने जहां मौसम को सुहाना बना दिया है, वहीं दूसरी ओर जलजमाव और अव्यवस्था से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रशासन और विभागीय कर्मियों को जलनिकासी और बिजली बहाली में लगातार मशक्कत करनी पड़ रही है। लगातार बारिश से मकई, मड़ुआ और सब्जी की खेती बुरी तरह से प्रभावित हुई है। वहीं धान के खेतों में जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। इधर मौसम विभाग ने अगले दो दिन भारी बारिश का पूर्वानुमान दिया है। मौसम विभाग के अनुसार कोडरमा में 14 सितंबर को औसतन 25 एमएम बारिश दर्ज की गई है। रविवार की दोपहर हुई मुसलाधार बारिश के बाद रांची-पटना मुख्य मार्ग पर बिजली ऑफिस के समीप व बाईपास के सर्विस रोड में जलजमाव से लोगों परेशान दिखे। जानकारी अनुसार नालियों के जाम होने के कारण सड़कों पर बारिश के बाद यह नजारा आम हो गया है। वहीं सर्विस रोड में बने नालियों की ऊंचाई सड़क से अधिक होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर ही जमा हो जाता है। कोडरमा| बारिश के बाद शहर की सड़कों पर तलाब का नजारा आम बात हो गई है। रविवार की दोपहर हुई मुसलाधार बारिश के बाद रांची-पटना मुख्य मार्ग पर बिजली ऑफिस के समीप व बाईपास के सर्विस रोड में जलजमाव से लोगों परेशान दिखे। जानकारी अनुसार नालियों के जाम होने के कारण सड़कों पर बारिश के बाद यह नजारा आम हो गया है। वहीं सर्विस रोड में बने नालियों की ऊँचाई सड़क से अधिक होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर ही जमा हो जाता है।


