कोयला और डीवीसी के निजीकरण के खिलाफ संघर्ष करेगी माकपा, ढिबरा खरीद के लिए बने कोऑपरेटिव

आज नई राज्य कमेटी और सचिव मंडल के साथ राज्य सचिव का होगा चुनाव कोयला और डीवीसी के निजीकरण के खिलाफ माकपा संघर्ष करेगी। सीपीएम के राज्य सम्मेलन के दूसरे दिन शुक्रवार को कई प्रस्ताव पारित हुए। शनिवार को नई राज्य कमेटी और सचिव मंडल के साथ राज्य सचिव का चुनाव होगा। माकपा के 8वें राज्य सम्मेलन के दूसरे दिन प्रतिनिधि सत्र का उद्घाटन डॉ. रामचंद्र डोम ने किया। राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने पिछले तीन वर्षों में पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों और सांगठनिक स्थिति पर रिपोर्ट पेश की। 21 जिलों के 52 प्रतिनिधियों ने इस चर्चा में भाग लिया। सम्मेलन में पोलित ब्यूरो सदस्य वृंदा करात की मौजूदगी में कोयले का निजीकरण और कोयला बेचने के अधिकार को निजी कंपनियों को देने के खिलाफ संघर्ष का निर्णय लिया गया। डीवीसी को चार भागों में बांटकर निजी कंपनियों को देने की भी आलोचना हुई। आरोप लगाया गया कि धार्मिक उन्माद और घुसपैठियों के मुद्दे को लेकर मुस्लिम अल्पसंख्यकों को टारगेट किया जा रहा है। सम्मेलन की अध्यक्षता सुखनाथ लोहरा, सुभाष हेंब्रम रामकृष्ण पासवान, वीणा लिंडा, विश्वजीत देव, साबिर हुसैन की छह सदस्यीय अध्यक्ष मंडल कर रही है। प्रस्ताव कमेटी में रामचंद्र ठाकुर, संजय पासवान और असीम सरकार हैं। महिलाओं पर अत्याचार के विरुद्ध चलेगा जन-जागरण अभियान पार्टी ने महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार के खिलाफ जन-जागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया। राज्य सरकार से मांग की गई कि कोडरमा और गिरिडीह में माईका उद्योग को जीवित करने के लिए सरकार अपनी नीति के अनुरूप कोऑपरेटिव के माध्यम से मजदूरों से ढिबरा खरीद का काम अविलंब शुरू करे। राज्य के भूमिहीन आदिवासी दलितों को जाति व आवासीय प्रमाणपत्र जारी करने, सीएनटी एसपीटी एक्ट के अंतर्गत आने वाले उद्यमियों को बैंक लोन की गारंटी करने, लैंड बैंक को समाप्त करने, गैर मजरूआ जमीन की रसीद निर्गत करने और अविलंब विस्थापन आयोग गठन करने का प्रस्ताव लिया गया।

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