कोरबा में गुरुवार को हुई मानसून की पहली बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी है। वार्ड नंबर 12 चिमनीभट्ठा में नालियों का कचरा और सीवर की गंदगी के साथ बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस गया है। लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। इससे वार्ड नंबर 12 चिमनीभट्ठा में जलभराव की स्थिति बन गई है। स्थानीय निवासी बृजेश तिवारी के मुताबिक यह समस्या हर बरसात में आती है। लेकिन न तो नगर निगम और न ही प्रशासन इस ओर ध्यान दे रहा है। बालको के वार्ड क्रमांक 45 में लोग अपने घर का सामान शिफ्ट कर रहे है। निवासी प्रिया गोस्वामी ने बताया कि देर रात से उनके घर में नाले का पानी घुस गया है। इससे बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। घर में खाना-नाश्ता बनाना और पीने का पानी मिलना भी मुश्किल हो गया है। खंभों में करंट फैल गया है। पानी से खंभे में फैला करंट इतवारी भाई के घर के बाहर जलभराव के कारण विद्युत खंभे में करंट आ रहा है। वह खंभे से चिपकने से बाल-बाल बची। गुड्डू जायसवाल के मुताबिक इस बस्ती में लगभग 25 से 30 घर प्रभावित हुए हैं। जल निकासी की अनुचित व्यवस्था के कारण यह समस्या बनी हुई है। जनप्रतिनिधि और अधिकारी सिर्फ चुनाव के समय ही दिखाई देते हैं। नाली की मरम्मत नहीं होने से बदहाली वहीं, बालको के वार्ड क्रमांक 45 में भी यही हाल है। नली का पानी घरों में घुस आया है। लोग खाद्य सामान समेत घर के बर्तन लेकर बाहर निकल रहे हैं। बताया जा रहा की नाली की मरम्मत नहीं होने से ये हाल हुआ है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इसकी जानकारी कई बार वार्ड के पार्षद और महापौर को दी गई है। लेकिन आज तक कोई देखने तक नहीं आया। लोग यहां गंदगी और गंध दोनों से परेशान है।


