अशोकनगर जिले में दबंग और राजनीतिक रसूख वाले अब भी जमीन हथियाने के लिए लोगों को बंधुआ मजदूर बनाकर रखे हुए हैं। मामला अकलौन के ईसागढ़ की 8 हेक्टेयर जमीन का है। यह जमीन मुन्नीबाई की है। मंगलवार को हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुत्रीबाई रो पड़ीं। बोलीं- ‘मेरे पति छोटेलाल को हरदीप रंधावा (पूर्व सरपंच, ग्राम शंकरपुर) ने बंधुआ बनाकर रखा है। मेरे नाम से जमीन है, जिसे ये लोग किसी और को बेचना चाहते हैं।’ यह सुनकर हाई कोर्ट ने मुन्नीबाई के पति को शाम 4 बजे पेश करने का निर्देश दिया। छोटेलाल चार बजे से पहले अशोकनगर से ग्वालियर आ भी गया। कोर्टरूम में पीछे बैठ गया। तभी रंधावा का साथी गौरव शर्मा और उसके पिता धर्मपाल शर्मा छोटेलाल को जबरन कोर्ट रूम से बाहर ले जाने लगे। जस्टिस आनंद पाठक की जैसे ही नजर पड़ी तो ना केवल नाराजगी जताई, बल्कि गौरव और उसके पिता को कोर्टरूम से बाहर करवा दिया। जस्टिस बोले, ‘जब हमारे सामने ये हाल है तो फिर बाद में क्या होगा?’ सभी पक्षों को सुनने के बाद जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस हिरदेश की डिवीजन बेंच ने अशोकनगर कलेक्टर और एसपी को स्पष्ट आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि मुन्नीबाई के नाम से जमीन की खरीद-फरोख्त प्रकरण के खत्म होने तक नहीं हो सकेगी। कोर्ट का आदेश, कलेक्टर- एसपी के लिए कोर्ट का सवाल… अशोकनगर से ग्वालियर 4 घंटे में कैसे पहुंचा, इसके लिए लग्जरी गाड़ी चाहिए, कहीं डमी तो नहीं
अशोकनगर पुलिस ने मुन्नीबाई, उसकी बेटी व अन्य रिश्तेदारों (जिन पर बंदी बनाने का आरोप है) को पेश किया। कोर्ट ने सवाल-जवाब किए तभी याची छोटेलाल के वकील बोल पड़े हमने सूचना दे दी है। छोटेलाल चार बजे तक आ जाएगा। इस पर कोर्ट ने कहा- ग्वालियर से अशोकनगर 4 घंटे में तभी आ सकते हैं, जब आपके पास लग्जरी कार हो। इन्हें देखकर तो नहीं लग रहा कि इनके पास मंहगीं कारें होंगी। ऐसा लगता है जैसे छोटेलाल तो डमी है। केस कोई और ही लड़ रहा है।


