कोहरे व शीतलहर ने शहर में गलन बढ़ा रखी है। रविवार को पूरे दिन सूरज नहीं निकला। धूप न निकलने से दिन भी ठंडा रहा। सर्द हवाओं से कंपकंपी छूटी। दिनभर सर्दी से बचाव के लिए लोग अलाव तापते नजर आए। दिन में हल्की धुंध छाए रहने से वाहन सवार गाड़ियों की लाइट जलाकर चलते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से 3.2 डिग्री कम है। इसके अलावा धूप न निकलने से अधिकतम तापमान भी 18.4 डिग्री दर्ज किया गया जो कि सामान्य से 3.3 डिग्री कम है। गर्म कपड़ों की जमकर हुई खरीदारी
दिन में सूरज न निकलने से अधिकतम तापमान कम दर्ज किया जा रहा है, जिस कारण दिन में भी सर्दी का एहसास हो रहा है। गलन वाली सर्दी बढ़ने के साथ साथ गर्म कपड़ों के बाजार में लोगों की भीड़ पहुंच रही है। लोग सर्दी से बचाव के लिए जैकेट, स्वेटर, कार्डिगन, गर्म कैप व वार्म इनर वियर खरीद रहे हैं। शहर में गुमटी, शिवाला, सीसामऊ बाजार, गोविंद नगर, नवीन मार्केट व स्वरुप नगर समेत कई बाजारों में ग्राहकों की भीड़ देखी गई। फसलों के बचाव के लिए एडवाइजरी जारी
सीएसए के कृषि विज्ञान केंद्र दलीप नगर के वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने फसलों को बचाने के लिए एडवाइजरी जारी की है। डॉ खान ने आने वाले दिनों में मौसम को लेकर क्षेत्र में घने कोहरे की संभावना जताई है। कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर खलील खान ने बताया कि बदलते तापमान व कोहरे से फसलों में कीट व रोगों का खतरा हो सकता है। बताया कि गेहूं की बुवाई के 20-30 दिन के मध्य पहली सिंचाई के बाद पौधों में जिंक की कमी के लक्षण दिखें तो पांच किग्रा जिंक सल्फेट तथा 16 किग्रा यूरिया को 800 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करें। उन्होंने बताया कि संकरी पत्ती व चौड़ी पत्ती के खरपतवारों के एक साथ नियंत्रण के लिए सल्फोसल्फ्यूरान 75 प्रतिशत व मेटासल्फ्यूरॉन मेथाइल पांच प्रतिशत डब्लूजी 40 ग्राम (2.5 यूनिट) 1250 मिली सर्फेक्टेंट प्रति हेक्टेयर छिड़काव करें। राई, सरसों में नत्रजन की टॉप ड्रेसिंग करें, नमी कम होने पर हल्की सिंचाई करें। लीफ माइनर के नियंत्रण के लिए डाईमेथोएट 30 प्रतिशत ईसी 650 मिली प्रति हेक्टेयर या कार्बोफ्यूरान तीन प्रतिशत सीजी 66 ग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से 300 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। चने में कटुआ कीट के नियंत्रण को क्लोरपाइरीफास 20 प्रतिशत ईसी की 2.5 लीटर मात्रा को 500 से 600 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टयर की दर से छिड़काव करें। खेत में जगह जगह सूखी घास के छोटे-छोटे ढ़ेर को रख देने से दिन में कटुआ कीट की सूड़िया छिप जाती है, इसे सुबह समय में एकत्र कर नष्ट कर देना चाहिए। टमाटर, मिर्च फसल में विषाणु रोग का प्रकोप अधिक हो तो इसका फैलाव राकने के लिए डाईमिथोएट या इमिडाक्लोप्रिड एक मिली को प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। कोहरे से थमी ट्रेनों की रफ्तार
कोहरे व धुंध ने ट्रेनों की रफ्तार को भी कम किया है। रविवार को तेजस, वंदे भारत व राजधानी समेत 27 ट्रेनें घंटों देरी से कानपुर सेंट्रल पहुंची। ट्रेनों के देरी से पहुंचने के चलते यात्रियों को घंटों स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा। नई दिल्ली से लखनऊ जाने वाली तेजस एक्सप्रेस (82502) 5.11 घंटे देरी से आई। बनारस से नई दिल्ली जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस (22435) 2.59 घंटे व बनारस से नई दिल्ली जाने वाली वंदे भारत (22416) 4.39 घंटे देरी से सेंट्रल स्टेशन आई। इसके अलावा नई दिल्ली से राजेंद्र नगर पटना जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस (12310) 50 मिनट, नई दिल्ली से हावड़ा जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस (12302) 2.14 घंटे, नई दिल्ली से सियालदह जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस (12314) 04.05 घंटे देरी से आई।


