उत्तर छत्तीसगढ़ में सोमवार को न्यूनतम तापमान में गिरावट के बाद सोमवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। घने कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। सुबह विजिबिलिटी 10 मीटर से भी कम रह गई थी। संभाग के मैदानी इलाकों का तापमान गिरकर 5 डिग्री से नीचे चला गया है। वहीं पाट क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री दर्ज किया गया है। पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होते ही सरगुजा में कड़ाके की ठंड की वापसी हो गई है। सरगुजा संभाग में बादल छाए रहने के कारण तीन दिनों तक कड़ाके की ठंड से राहत मिली थी। रविवार को न्यूनतम तापमान 9.9 डिग्री दर्ज किया गया था। मौसम में बदलाव के साथ ही शीतलहरें तेजी से प्रवेश कर रही हैं और अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान गिरकर 4.8 डिग्री पहुंच गया। पूरे संभाग में घना कोहरा, दिन में भी ठंड ने ठिठुराया रविवार-सोमवार रात से ही न्यूनतम मापमान में गिरावट के साथ कोहरा छाने लगा। सुबह तक पूरे संभाग में घना कोहरा छा गया और विजिबिलिटी गिरकर 10 मीटर से भी कम रह गई। घने कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। कोहरा सुबह 11 बजे तक नहीं छंट सका। कोहरे से ढंके होने एवं सूर्य नहीं दिखने के कारण दिन में भी सर्द हवाएं ठिठुरा रही हैं। अंबिकापुर में रविवार को अधिकतम तापमान 21.9 डिग्री दर्ज किया गया है। पाट क्षेत्रों में दिन में भी सर्द हवाएं ठिठुरा रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार आगामी एक सप्ताह तक कोहरे का असर दिख सकता है। संभाग में शीतलहरों का अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर छत्तीसगढ़ में शीतलहरों का अलर्ट जारी किया है। एक सप्ताह तक न्यूनतम तापमान 5 डिग्री के नीचे रह सकता है। अधिकतम तापमान भी गिरकर 20 डिग्री से नीचे पहुंच सकता है। मौसम विज्ञानी एएम भट्ट ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होते ही शीतलहरें तेजी से प्रवेश कर रही हैं। इस कारण न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है। वातावरण में आद्रता बढ़े होने के कारण घना कोहरा छा रहा है। इसका असर आगामी दिनों में भी दिख सकता है। कड़ाके की ठंड एवं कोहरे के बीच लोग अलाव जलाकर ठंड से बचते दिखे। सोमवार सुबह स्कूली बच्चे ठंड में ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। चिकित्सकों ने ठंड से बचने की सलाह लोगों को दी है।


