कौआडीह नाला उफान पर:बलौदाबाजार में 600 की आबादी वाला गांव टापू में तब्दील, स्कूल-अस्पताल तक पहुंच बाधित

बलौदाबाजार जिले के पलारी ब्लॉक स्थित कौआडीह गांव में बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। दोनों तरफ से कौआडीह नाले से घिरे इस गांव में 15 जुलाई की रात मूसलाधार बारिश के बाद नाले का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। वटगन-खरतोरा मार्ग पूरी तरह बंद है। सड़कों पर दो से तीन फीट ऊंचा पानी बह रहा है। वाहनों का आवागमन पूरी तरह रुक गया है। गांव की लगभग 600 की आबादी टापू में तब्दील हो गई है। छोटे बच्चे जान जोखिम में डालकर नाला पार कर रहे। स्कूल बंद, अस्पताल पहुंचना मुश्किल पानी भरी सड़कों के कारण स्कूल बंद है। शिक्षक और छात्र स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। गांव में स्थायी स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। नजदीकी अस्पताल का रास्ता भी जलमग्न है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। किसान के खेतों में भी भरा पानी गांव के अधिकांश लोग धान की खेती पर निर्भर हैं। लगातार बारिश और नाले के उफान से खेत जलमग्न हो गए हैं। कई किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। इससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है। स्थानीय किसानों का कहना है कि उन्होंने इस साल अच्छी फसल की उम्मीद की थी, लेकिन बारिश ने सब कुछ नष्ट कर दिया। गांव के लोगों ने बताया कि यह समस्या हर साल बारिश के मौसम में आती है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। ऊंचा पुल बनाने की मांग संजय चन्द्राकर, विनय चन्द्राकर, खोमन चन्द्राकर, श्रीराम यादव, राजा घृतलहरे, बनवाली चन्द्राकर, अनिल वर्मा (पंच), महेश साहू, शोभा ध्रुव, कुलेश्वर चन्द्राकर, अशोक चन्द्राकर, गणेश चन्द्राकर (पंच), भेकलाल वर्मा और शिवराम धीवर आदि ग्रामीणों ने मांग की है कि ऊंचा पुल बनाया जाए जो हर साल बाढ़ के समय भी गांव को बाहरी दुनिया से जोड़े रखे। इस मामले में प्रशासन का कहना है कि वे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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