भास्कर न्यूज | कवर्धा जिले में अपराध नियंत्रण और पुलिस की तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए सोमवार को मासिक क्राइम मीटिंग हुई। यह बैठक पुलिस अधीक्षक कार्यालय के मीटिंग हॉल में सुबह 10.30 बजे हुई। एसपी धर्मेंद्र सिंह ने 60 से 90 दिन से अधिक समय से लंबित अपराधों की थानेवार समीक्षा की। अपराध क्रमांक, धारा, कायमी तिथि, आरोपी की जानकारी, विवेचना की प्रगति और अंतिम कार्रवाई पर बिंदुवार चर्चा हुई। एसपी ने लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। अनावश्यक देरी वाले मामलों में जिम्मेदारी तय करने की बात कही। तकनीकी संसाधनों के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। ई-साक्ष्य, ई-समन, 10-मितान और आई- जीओटी कर्मयोगी एप के उपयोग की समीक्षा की गई। इन प्लेटफॉर्म पर अब तक हुए पंजीयन और प्रशिक्षण की स्थिति देखी गई। उपयोग में आ रही समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित शाखाओं को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। एसपी ने सीसीटीएनएस पोर्टल पर अपराधों की जानकारी समय पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए। सभी विवेचना अधिकारियों को दो माह के भीतर लंबित प्रकरणों की डाटा एंट्री पूरी करने का एक्शन प्लान देने को कहा गया। इसमें जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना और चौकी प्रभारी, रक्षित निरीक्षक, साइबर सेल प्रभारी, यातायात प्रभारी, शाखा प्रभारी और अन्य पुलिस अधिकारी शामिल हुए। बैठक में उन थाना और शाखा प्रभारियों की सराहना की गई, जिन्होंने पिछले माह उत्कृष्ट कार्य किया। अपराध नियंत्रण, विवेचना की गुणवत्ता, तकनीकी संसाधनों के उपयोग बेहतर प्रदर्शन करने वालों को प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। बैठक में एएसपी पुष्पेंद्र बघेल, पंकज पटेल, डीएसपी संजय ध्रुव, प्रतीक चतुर्वेदी, कृष्ण चंद्राकर, अंजू कुमारी, एसडीओपी अखिलेश कौशिक, प्रशिक्षु डीएसपी सिद्धार्थ सिंह और थाना प्रभारी मौजूद रहे।


