क्रिश्चियन कॉलेज की जमीन पर प्रशासन आज लेगा कब्जा

शहर के बीच सरवटे बस स्टैंड से लगी जमीन पर चल रहे क्रिश्चियन कॉलेज की लीज निरस्ती के बाद जिला प्रशासन बुधवार को उसका औपचारिक कब्जा लेगा। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि एसडीएम को इस संबंध में निर्देशित कर दिया है। हालांकि मंगलवार को इसी मामले में संभागायुक्त कार्यालय से अपर आयुक्त राजस्व द्वारा जारी एक पुराने स्टे ऑर्डर को लेकर गफलत हुई। अपर कलेक्टर द्वारा जारी ऑर्डर में कहा गया कि आवेदक ने जो तर्क दिए हैं और जो आदेश हुआ है, वह प्राकृतिक न्याय सिद्धांतों के खिलाफ है। संस्था को प्रस्तुत तर्कों पर प्रतिपरीक्षण का अधिकार है। इसलिए आवेदक द्वारा लगाए गए स्टे आवेदन पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए जाते हैं। हालांकि शाम को ही इस आदेश को लेकर संभागायुक्त कार्यालय ने स्पष्ट किया कि अपर कलेक्टर का आदेश कलेक्टर द्वारा 26 दिसंबर को जारी प्रतिपरीक्षण के लिए दी गई अनुमति को अस्वीकार करने को लेकर था। इस मामले का ही निगरानी केस अपर आयुक्त कोर्ट में चल रहा था। चूंकि अब कलेक्टर द्वारा 12 जनवरी को जारी लीज निरस्ती का आदेश हो चुका है और इसकी जानकारी मंगलवार को ही मिली, इसलिए अपर आयुक्त कोर्ट में चल रहा केस भी समाप्त कर दिया है। यह है पूरा मामला : 1887 में होलकर रियासत से मिली थी जमीन इंदौर कस्बे के खसरा नंबर 407/1669/3 की कुल 68.303 हेक्टेयर भूमि में से 1.702 हेक्टेयर भूमि पर क्रिश्चियन कॉलेज स्थित है। कॉलेज प्रबंधन ने एक नक्शा स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया था। इसमें कॉलेज परिसर की जमीन पर व्यावसायिक कार्यालय, दुकानें और अन्य निर्माण प्रस्तावित थे। नक्शा प्रस्तुत करने की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने पूरी जमीन की जांच कराई। इसमें पता चला कि यह जमीन वर्ष 1887 में होलकर रियासत के समय महारानी भागीरथी बाई द्वारा कैनेडियन मिशन को महिला अस्पताल और स्कूल के संचालन के उद्देश्य से दी गई थी। साथ ही यह शर्त भी लगाई थी कि जब तक जमीन का उपयोग अस्पताल और स्कूल के लिए किया जाएगा, तब तक यह चर्च के पास रहेगी। उपयोग बंद होने पर जमीन वापस लेने का अधिकार महाराजा के उत्तराधिकारियों के पास रहेगा। इसी मामले पर कलेक्टर ने आदेश जारी कर जमीन को सरकारी घोषित किया था।

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