खंडवा की शाहपुरा माल पंचायत का GRS सस्पेंड:जल संचयन के कामों में करप्शन का मामला, सचिव को नोटिस, इंजीनियर पर सस्पेंस

जल संचयन, जन भागीदारी अभियान के तहत हुए कार्यों में भ्रष्टाचार करने वाले एक ग्राम रोजगार सहायक पर गाज गिरी है। दैनिक भास्कर डिजिटल की खबर का हवाला देते हुए सीईओ जिला पंचायत ने रोजगार सहायक (GRS) को सस्पेंड कर दिया है। वहीं पंचायत सचिव को निलंबन का नोटिस जारी किया है। फिलहाल, इंजीनियर के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया। जबकि उसके खिलाफ रिश्वत लेकर फर्जी कामों का मूल्यांकन किए जाने के आरोप हैं। मामला हरसूद जनपद की ग्राम पंचायत शाहपुरा माल का है। 27 दिसंबर 2025 को दैनिक भास्कर डिजिटल पर प्रकाशित खबर के बाद भोपाल से आए राज्य स्तरीय दल ने शाहपुरा माल में जल संचयन से जुड़े कामों को देखा था। इस दौरान यहां गंभीर अनियमितताएं सामने आई थी। खेत तालाब और डगवेल रिचार्ज जैसे कार्य अधूरे पाए गए। वहीं एक काम के फोटो दिखाकर 50 काम बता दिए और राशि निकाल ली गई। इस मामले में सीईओ जिला पंचायत डॉ. नागार्जुन बी गौड़ा ने रोजगार सहायक कृपाराम कलमे को सस्पेंड किया है। सहायक यंत्री की जांच में मिली कई खामियां निलंबन आदेश में बताया गया कि सहायक यंत्री जनपद पंचायत हरसूद ने जांच प्रतिवेदन सौंपा है। इस अनुसार ग्राम पंचायत शाहपुरा माल में किए गए कार्यों का भौतिक निरीक्षण, सत्यापन किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि शासन के निर्देशानुसार डगवेल रिचार्ज का साईज 3 बाय 3 बाय 3 मीटर तथा पाइप का साइज 200 एमएम के उपयोग करने के निर्माण निर्देश दिए गए थे। उक्त निर्माण कार्यों में फिल्टर मीडिया तीन स्तर से होता है लेकिन मात्र बोल्डर का उपयोग किया गया जो कि तकनीकी मापदंड अनुसार नहीं किया गया। जबकि कार्यालयीन समीक्षा बैठकों, क्लस्टर बैठकों, फोन पर चर्चा, मौका निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य के संबंध में तकनीकी जानकारी से अवगत करा दिया गया था। इसके बावजूद रोजगार सहायक कृपाराम कलमे ने मनमाने तरीके से निर्माण कार्य कराए। जो नियम विरूद्ध होकर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों की निरंतर अवहेलना है। सचिव को निलंबन का नोटिस, इंजीनियर को बख्शा मामले में शाहपुरा माल ग्राम पंचायत के सचिव लालजीराम गठिया को निलंबन के संबंध में कारण बताओ सूचना-पत्र जारी किया गया है। सचिव के खिलाफ कोई ठोस एक्शन नहीं लिया गया। जबकि मनरेगा के कामों में अप्रूवल और मॉनिटरिंग का जिम्मा ग्राम पंचायत सचिव का है। इधर, बिना कार्य हुए भी मूल्यांकन करने के मामले में इंजीनियर श्वेताली लुक को नोटिस तक जारी नहीं किया गया हैं। किसी भी कार्य की राशि तभी निकलती है, जब इंजीनियर उसका मूल्यांकन करता है। इंजीनियर श्वेताली लुक पर भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोप है। कलेक्टर, CEO का झूठ छिपाने आज सुबह खोदा गड्‌ढा:खंडवा में राष्ट्रपति अवॉर्ड फर्जीवाड़े पर भास्कर का खुलासा; रियलिटी चेक करने पहुंची टीम

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