खंडवा में 8740 समूह, 4 हजार लखपति दीदी:ड्रोन से लेकर बैंक, कृषि सखी के काम में जुटी; नल टैक्स वसूली का ठेका भी मिला

ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्व-सहायता समूह से जुड़ी जिले की महिलाओं ने साक्षर होकर आत्मनिर्भरता की ओर अपने कदम बढ़ाए हैं। इस मिशन के माध्यम से जिले में 8740 समूह संचालित किए जा रहे हैं। इसमें करीब एक लाख से अधिक महिलाओं ने जुड़कर स्वयं का रोजगार स्थापित किया है। मिशन के संचालक कलेक्टर अनूप कुमार सिंह ने बताया कि बीते 25 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से 4 हजार महिलाओं को लखपति दीदी सम्मान पत्र दिया गया। कृषि विभाग द्वारा समन्वय कर 9 कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित कराए गए है। मृदा प्रशिक्षण एवं बीज वितरण का कार्य महिलाएं कर रही हैं। स्व-सहायता समूहों की 25 सदस्यों द्वारा जिले के विभिन्न ग्रामों में मेट का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा एक गोशाला का संचालन समूह सदस्यों द्वारा किया जा रहा है। साथ ही चारागाह प्रबंधन का कार्य भी किया जा रहा है। जिले में नल-जल योजना के लिए ऋण वसूली का कार्य स्व-सहायता समूह एवं ग्राम संगठनों के माध्यम से 20 ग्रामों का चयन कर ग्राम पंचायत से अनुबंध कराया गया है। मनरेगा शाखा से समन्वय कर 2 करोड़ 10 लाख की सामुदायिक पोषण वाटिका का संचालन 28 समूह सदस्यों द्वारा किया जा रहा है। महिला समूहों को नर्सरी, पशु व बकरी पालन से जोड़ा पंधाना के ग्राम गांधवा व पुनासा के ग्राम खुटलाकलां में समूह सदस्यों द्वारा नर्सरी प्रबंधन का कार्य किया जा रहा है। यहां 1 लाख 20 हजार पौधे तैयार किए गए। इसी तरह 25 गौ-मित्र चयनित कर 3 माह का आवासीय, गैर आवासीय प्रशिक्षण पशुपालन विभाग से कराया। पशु पालन विभाग से समन्वय कर 132 समूह सदस्यों को बकरी पालन योजना से लाभान्वित किया गया। जिले में 4 ड्रोन दिए, कीटनाशक, उर्वरक छिड़क रहे हरसूद, पुनासा, खंडवा व छैगांवमाखन ब्लॉक में समूह सदस्यों द्वारा 4 ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक व उर्वरकों का छिड़काव किया जा रहा है। इससे समूह सदस्यों की त्रैमासिक आय 2 लाख 15 हजार रुपए तक हुई है। पर्यावरण मित्र प्रोत्साहन योजना के तहत जिले में 419 पंचायतों के लिए पर्यावरण सखी का चयन किया गया। पर्यावरण विभाग द्वारा जिले के 23 सीएलएफ को 23 स्कूटी वितरित कराई गई। जिले में 57 बैंक सखियां, ऑनलाइन फ्रॉड से बचा रही ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से जिले में 57 बैंक सखियां कार्य कर रही है। बैंक से संबंधित समस्याओं के बारे में ग्रामीणों को जानकारी उपलब्ध कराती है। साथ ही बैंक से संबंधी कोई गलत जानकारी हो तो उससे अवगत कराती है। आजकल बहुत ऑनलाइन फ्रॉड हो रहा है, इसके लिए वित्तीय साक्षरता के माध्यम से सही जानकारी दी जाती है। महिला समूहों के जरिए औषधीय फसलों को बढ़ावा नमामि फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के तहत 1100 समूह की महिलाओं द्वारा हरड़, बहेड़ा, आंवला, तुलसी आदि का संग्रहण किया गया। 650 एकड़ में कुसुम, चियाबीज, अश्वगंधा, कलौंजी आदि की खेती कर महिलाएं अपने पारिवारिक आय में बढ़ौती कर रही है। पिछले एक साल में 2401 समूहों को 6759 लाख की बैंक से ऋण राशि स्वीकृत कराई गई है। पार्लर, सिलाई सहित मोबाइल रिपेयरिंग की ट्रेनिंग दी जिले में आरसेटी के माध्यम से 679 समूह सदस्यों को ब्यूटी पार्लर, सिलाई कार्य, बकरी पालन, मोबाइल रिपेयरिंग, मोटर वाइंडिंग, चिप्स पापड़ आदि पर समूह सदस्य व परिवार सदस्यों को प्रशिक्षण देकर दक्ष किया गया है। 8 ब्लॉक स्तरीय रोजगार मेलों का आयोजन कर 686 युवक-युवतियों को निजी कंपनियों में रोजगार उपलब्ध कराएं गए है।

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