खजुराहो के एक रिसॉर्ट में कथित जहरीले भोजन के बाद कर्मचारियों की तबीयत बिगड़ने का मामला गंभीर रूप ले चुका है। इलाज के दौरान एक कर्मचारी की मौत के साथ ही इस घटना में मरने वालों की संख्या चार हो गई है। सात अन्य कर्मचारी अभी भी अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से एक की हालत बेहद नाजुक है और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। रिसॉर्ट में इलेक्ट्रीशियन के पद पर कार्यरत हार्दिक सोनी (20) की तबीयत खाना खाने के कुछ समय बाद अचानक बिगड़ गई। उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती किया गया, लेकिन गंभीर स्थिति के कारण ग्वालियर रेफर किया गया। तीन दिन तक चले इलाज के बाद शनिवार को उनकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम के बाद रविवार को शव परिजनों को सौंपा गया। 4 की मौत, 7 का इलाज चल रहा इससे पहले प्रागीलाल कुशवाहा (पिता मंगलाल, निवासी खजुराहो), रामस्वरूप कुशवाहा और गिरजा रजक की भी मौत हो चुकी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में संदिग्ध जहर पाए जाने की बात सामने आई है। घटना में रवि सोनी, दयाराम रैकवार, रामस्वरूप कुशवाहा, हार्दिक सोनी, बिहारी लाल पटेल, गिरजा रजक, रोशनी रजक, प्रागीलाल कुशवाहा, गोविंद कुशवाहा, राजकुमारी सहित अन्य कर्मचारी बीमार हुए थे। फिलहाल सात कर्मचारियों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है। परिजनों को आर्थिक सहायता, खाद्य सुरक्षा अधिकारी को नोटिस कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने मृतकों के परिजनों को रेड क्रॉस सोसायटी से 20-20 हजार रुपए की तात्कालिक आर्थिक सहायता स्वीकृत की। मुख्यमंत्री सहायता कोष से अतिरिक्त राशि के प्रस्ताव शीघ्र भेजने के निर्देश दिए गए हैं। अपर कलेक्टर मिलिंद नागदेवे ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी वेद प्रकाश चौबे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में जिले में लगातार वीवीआईपी मूवमेंट के बावजूद खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग में लापरवाही का उल्लेख किया गया है। अधिकारी से 15 दिसंबर शाम 4 बजे तक स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके साथ ही खजुराहो फूड प्वाइजनिंग घटना के संबंध में जांच के लिए पुलिस एसपी अगम जैन ने एसडीओपी खजुराहो मनमोहन सिंह बघेल के प्रभार में एसआईटी टीम गठित सभी तथ्यों के आधार पर जांच के निर्देश दिए।


